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कोटपाड़ में बड़ी कार्रवाई: 27 गायों को बचाया गया, गौमांस तस्करी के संभावित नेटवर्क की जांच की उठी मांग

जगदलपुर,29 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से लगे ओडिशा के कोटपाड़ में गौवंश संरक्षण को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। यहां एक कत्लखाने से 27 गायों को रेस्क्यू किया गया, जबकि मौके से लगभग 9 क्विंटल गौमांस बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इस कार्रवाई के बाद गौ सेवकों ने मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

27 गायों को कत्लखाने से बचाया गया

जानकारी के अनुसार, बस्तर जिले के गौ सेवकों ने ओडिशा के विधायक रूपु भतरा से मुलाकात कर गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण का मुद्दा उठाया था। इसके बाद कोटपाड़ में यह कार्रवाई हुई।

कार्रवाई के दौरान बचाई गई 27 गायों में से 19 गायों को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के पास कुरंदी स्थित हैप्पी कामधेनु गौशाला को सौंप दिया गया। वहीं, शेष 8 गायों को कोटपाड़ के स्थानीय गौपालकों के सुपुर्द किया गया।

गौमांस के परिवहन और बिक्री नेटवर्क की जांच की मांग

गौ सेवकों ने इस मामले में गौमांस के संभावित कारोबार और उसके छत्तीसगढ़ के जगदलपुर तक विस्तार की आशंका जताई है। उनका कहना है कि पूर्व में गौमांस तस्करी के मामले में पकड़े गए एक आरोपी ने कथित तौर पर कोटपाड़ क्षेत्र से गौमांस का परिवहन कर बिक्री करने की बात स्वीकार की थी।

इसी आधार पर गौ सेवकों ने संबंधित एजेंसियों से गौवंश वध, गौमांस के परिवहन और बिक्री से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के माध्यम से इस कारोबार में शामिल लोगों, परिवहन के रास्तों और बिक्री के संभावित ठिकानों का पता लगाया जाना चाहिए।

दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग

गौ सेवक मुन्ना बजरंगी ने कहा कि 27 गायों को कत्लखाने से बचाया जाना राहत की बात है, लेकिन मौके से करीब 9 क्विंटल गौमांस की बरामदगी मामले की गंभीरता को दर्शाती है।

उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए और इससे जुड़े लोगों, परिवहन के रास्तों तथा मांस की बिक्री के संभावित ठिकानों की पड़ताल की जाए। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, गौ सेवक रोहन घोष ने कोटपाड़ में हुई कार्रवाई को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों को मामले की तह तक जाकर गौमांस के स्रोत और उसके परिवहन के रास्तों का पता लगाना चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर और ओडिशा के गौ सेवक आपसी समन्वय के साथ गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।

विधायक रूपु भतरा और पुलिस विभाग का जताया आभार

गौ सेवा आयोग के सदस्य दीपक पनपलिया ने कोटपाड़ में गौवंश को बचाने और गौमांस बरामदगी की कार्रवाई के लिए ओडिशा के विधायक रूपु भतरा और पुलिस विभाग का आभार जताया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि मामले की गहन जांच की जाएगी और गौवंश वध तथा गौमांस के कथित अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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