कांग्रेस ने 2028 चुनाव के लिए चिह्नित कीं 70 कमजोर विधानसभा सीटें, भाजपा भी 35 सीटों पर कर रही माइक्रो-प्लानिंग

मध्य प्रदेश,8 सितम्बर 2026
मध्य प्रदेश में 2028 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस ने प्रदेश में 70 कमजोर विधानसभा सीटों की पहचान की है, जहां पार्टी कभी नहीं जीती या एक-दो बार ही जीत हासिल कर सकी है।
कांग्रेस इन सीटों पर सबसे पहले घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन कराएगी। करीब छह महीने तक चलने वाले इस अभियान में मतदाताओं के नाम और फोन नंबर समेत अन्य जानकारी जुटाई जाएगी। पार्टी इसके जरिए जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने और मतदाताओं से सीधा संपर्क बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 230 में से 66 सीटों पर जीत मिली थी। पार्टी अब कमजोर प्रदर्शन वाली सीटों पर विशेष रणनीति के साथ काम करेगी। भोपाल की गोविंदपुरा, सागर की रहली और इंदौर-2 जैसी सीटों को कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, भाजपा ने भी 35 चुनौतीपूर्ण सीटों की पहचान की है। इन सीटों पर बड़े नेताओं को जिम्मेदारी देने के साथ चार-चार गांवों के क्लस्टर बनाकर प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य प्रत्येक बूथ पर 51 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करना है।
भाजपा ने इन सीटों पर माइक्रो-प्लानिंग, घर-घर संपर्क और पन्ना प्रमुखों को सक्रिय करने की रणनीति बनाई है। मंत्रियों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं को भी कठिन सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। दूसरी ओर, कांग्रेस इंदौर में प्रस्तावित राहुल गांधी के 19 सितंबर के दौरे के बाद इन 70 सीटों पर अपना फोकस और बढ़ाने की तैयारी में है।




