
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’; 15 सदस्यीय टास्क फोर्स समिति गठित, कलेक्टर आकाश छिकारा की अध्यक्षता में होगी मॉनिटरिंग
जगदलपुर, 8 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार बस्तर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक एक माह का सघन ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन, समन्वय और निरंतर मॉनिटरिंग के लिए कलेक्टर आकाश छिकारा की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत को अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
अभियान की औपचारिक शुरुआत 17 सितंबर की संध्या हर घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित कर की जाएगी। इसके माध्यम से सेवा, संस्कार और जनभागीदारी का संदेश दिया जाएगा। नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से विद्यालयों में ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वहीं जन-जागरूकता के लिए प्रमुख स्थानों पर ‘नमो सेवा गाथा’ नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा।
25 गतिविधियों के जरिए जमीनी स्तर पर सेवा का विस्तार
महीने भर चलने वाले अभियान के दौरान नदी-घाटों की स्वच्छता सहित करीब 25 प्रमुख सेवा गतिविधियां संचालित की जाएंगी। ‘सेवा-मेरा योगदान’ के माध्यम से आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जल संरक्षण के लिए ‘जल जन सेवा संकल्प’ तथा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित लोगों की प्रेरक कहानियों को सामने लाने के लिए ‘कहानी बदलाव की’ जैसी पहल भी संचालित होगी।
मातृ शक्ति और बच्चों के सम्मान में ‘आंगन का उत्सव’
25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच मातृ शक्ति और बच्चों के सम्मान में ‘आंगन का उत्सव’ तथा मातृ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही बस्तर अंचल में हो रहे सकारात्मक बदलावों और विकास कार्यों को आमजन तक पहुंचाने के लिए 3 से 4 दिवसीय ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी। 7 अक्टूबर को विशेष ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन भी प्रस्तावित है।
‘सरकार आपके द्वार’ की तर्ज पर लगेंगे सेवा सेतु शिविर
आम जनता को प्रशासनिक सेवाओं और शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ दिलाने के लिए विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण पर जोर रहेगा।
अभियान में नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज तथा रंगोली राष्ट्र/भारत मंडल जैसे आयोजन किए जाएंगे।
17 अक्टूबर को होगा ‘जनसेवक महाकुंभ’
एक माह तक चलने वाले इस जनसेवा अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ — पंचायत से पार्लियामेंट’ के साथ होगा। इस आयोजन में पंचायत से लेकर संसद तक के जनप्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। इससे जमीनी स्तर से लेकर व्यापक लोकतांत्रिक व्यवस्था तक जनसेवा और विकास के संकल्प को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने अभियान से जुड़े सभी नोडल अधिकारियों को शासन की निर्धारित समय-सीमा एवं मार्गदर्शिका के अनुरूप कार्यक्रमों का सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
‘आशीर्वाद के दीये’ से शुरू होकर ‘जनसेवक महाकुंभ’ तक पहुंचने वाला यह अभियान बस्तर में सेवा, सहभागिता और विकास को जन-जन से जोड़ने की दिशा में एक व्यापक पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि एक माह के इस अभियान का लाभ जमीनी स्तर पर आम नागरिकों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है।




