छत्तीसगढ़

महिला आरक्षण बिल अटका तो भड़की BJP: CM साय बोले—70 करोड़ महिलाओं के साथ हुआ अन्याय

रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं होने को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बिल नहीं, बल्कि देश की 70 करोड़ महिलाओं के सम्मान और अधिकार से जुड़ा मुद्दा था, जिसे विपक्ष ने रोक दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे पास नहीं होने दिया। उनका आरोप है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के खिलाफ हैं और हमेशा से इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाते रहे हैं।

इस मुद्दे पर भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री Arun Singh, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महापौर मीनल चौबे और अन्य नेता मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जैसे उज्ज्वला योजना और महतारी वंदन योजना, जिनका लाभ लाखों महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दशकों से महिला आरक्षण की बात करती रही है, लेकिन हर बार इसे लागू करने से पीछे हट जाती है।

वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि यह दिन इतिहास में महिलाओं के अधिकारों के लिए अहम हो सकता था, लेकिन विपक्ष ने इसे विफल कर दिया। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में जनता इसका जवाब देगी।

निष्कर्ष:
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। भाजपा इसे महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा बता रही है, जबकि विपक्ष के रुख पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा सियासत का बड़ा केंद्र बन सकता है।

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