सलाखों के पीछे बदली जिंदगी: आजीवन कारावास काट रहे विमल ने 12वीं प्रथम श्रेणी से पास कर रचा नया इतिहास

दुर्ग , 5 जून 2026
शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाली शक्ति भी है। इसका जीवंत उदाहरण केंद्रीय जेल दुर्ग में देखने को मिला, जहां 103 बंदियों ने विभिन्न शैक्षणिक परीक्षाओं में सफलता हासिल की। इनमें आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे विमल की सफलता सबसे अधिक प्रेरणादायक रही।
भिलाई के सुपेला निवासी विमल वर्ष 2018 से हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। जेल पहुंचने के समय वे अशिक्षित थे, लेकिन शिक्षा के महत्व को समझते हुए उन्होंने अपने जीवन को बदलने का संकल्प लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जेल प्रशासन के सहयोग से उन्होंने जेल में संचालित पाठशाला में पढ़ाई शुरू की।
पहली कक्षा से शुरू की पढ़ाई, 12वीं में हासिल की प्रथम श्रेणी
सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद विमल ने हार नहीं मानी। उन्होंने कक्षा पहली से अपनी शिक्षा शुरू की और लगातार मेहनत, अनुशासन व दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इतना ही नहीं, उन्होंने अंग्रेजी विषय में डिस्टिंक्शन प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता दर्ज की।
रिहाई के बाद शिक्षक बनने का सपना
विमल का कहना है कि शिक्षा ने उनके जीवन की सोच बदल दी है। उन्होंने सजा पूरी होने के बाद शिक्षक बनकर बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का संकल्प लिया है। उनकी उपलब्धि केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मसुधार की एक प्रेरक कहानी है।
जेल में शिक्षा से खुल रहे नए अवसर
वर्ष 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में केंद्रीय जेल दुर्ग में संचालित शिक्षा कार्यक्रमों के तहत कक्षा पहली से लेकर एमए अंतिम वर्ष तक की परीक्षाओं में महिला एवं पुरुष बंदियों ने हिस्सा लिया। इनमें से 103 बंदियों ने सफलता प्राप्त की, जो जेल में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
सुधारात्मक न्याय व्यवस्था का प्रेरक उदाहरण
इस उपलब्धि के पीछे जेल अधीक्षक, जेल प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों से बंदियों को शिक्षा और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद मिली है।
विमल की कहानी यह संदेश देती है कि व्यक्ति का भविष्य उसके अतीत से नहीं, बल्कि उसके वर्तमान प्रयासों और संकल्पों से तय होता है। शिक्षा और सकारात्मक अवसर किसी भी जीवन को नई पहचान दे सकते हैं।




