‘सेवा सेतु’ बना वन स्टॉप सॉल्यूशन: 441 सेवाएं, 30 विभाग एक मंच पर, गांव-गांव तक पहुंचेगी डिजिटल सरकारी सुविधा

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा आमजन तक प्रभावशाली, पारदर्शी और डिजिटल नागरिक सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से डिजिटल सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए CHOICE मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है। यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड, विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं।
यह प्लेटफॉर्म 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ एक सशक्त “वन स्टॉप सॉल्यूशन” बन चुका है, जो सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को मजबूती देगा।
इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर CHiPS द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में AI, आधार, व्हाट्सएप और ‘भाषिणी’ जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया है।
अब नागरिक व्हाट्सएप के जरिए आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति जान सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजिलॉकर, ई-प्रमाण और उमंग प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण से सेवाएं और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ हो गई हैं।
‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी, ई-चालान और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) का एकीकरण किया गया है, जिससे ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल रसीद और रीयल-टाइम ट्रैकिंग संभव हो गई है।
पोर्टल में QR कोड आधारित सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और MIS रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता और मजबूत होगी।
राज्य में सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 800+ लोक सेवा केंद्र, 1000+ CHOICE सेंटर और 15,000+ कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं।
AI आधारित व्यवस्था के जरिए आवेदन प्रक्रिया को सरल और बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच दूरी कम हो रही है। नागरिक व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से आवेदन, पावती रसीद, दस्तावेज लिंक और डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे प्राप्त कर सकेंगे।
वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे जल्द ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। QR कोड सत्यापन, OTP, कैप्चा और ईमेल प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को और मजबूत बनाती हैं।
‘भाषिणी’ के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा।
नागरिक वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, CHOICE सेंटर और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सिस्टम के जरिए सुझाव देकर इस प्लेटफॉर्म को और बेहतर बना सकेंगे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव विकासशील, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव पी दयानंद, सचिव राहुल भगत, आईटी सचिव अंकित आनंद और CHiPS के CEO मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।




