बकावंड में सरकारी राशि पर सवाल: इलेक्ट्रॉनिक फर्म को सिविल काम का ठेका, ₹85 हजार के भुगतान में अनियमितता के आरोप

,ओम प्रकाश रजक,
बकावंड, 20 अप्रैल 2026, बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत बदलावंड में सरकारी राशि के उपयोग में गंभीर अनियमितता सामने आई है। एक ही फर्म को अलग-अलग प्रकृति के कार्यों के लिए भुगतान किए जाने से पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार—
- 25 सितंबर 2023 को स्ट्रीट लाइट मरम्मत (सड़क पारा) के नाम पर ₹45,500 का भुगतान किया गया।
- 5 अक्टूबर 2023 को पंचायत भवन में पुट्टी-पुताई के नाम पर उसी फर्म को ₹40,000 का भुगतान किया गया।


सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक/इलेक्ट्रिकल कार्य करने वाली फर्म को सिविल कार्य (पुट्टी-पुताई) कैसे दिया गया, जबकि नियमों के अनुसार अलग-अलग प्रकार के कार्यों के लिए अलग पंजीकृत ठेकेदार होना जरूरी होता है।
नियमों की अनदेखी के आरोप
मामले में कई प्रक्रियाओं पर भी संदेह जताया जा रहा है—
- क्या ₹40,000 के काम के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत कोटेशन आमंत्रित किए गए थे?
- भुगतान से पहले और बाद की फोटो पंचायत पोर्टल पर अपलोड क्यों नहीं की गई?
- क्या संबंधित कार्यों के लिए कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया?
- एक ही फर्म को अलग-अलग प्रकृति के काम किस आधार पर आवंटित किए गए?
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
स्थानीय लोगों का कहना है कि बकावंड ब्लॉक में पहले भी अजीबो-गरीब मामलों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जैसे हैंडपंप के नाम पर नल मरम्मत या कृषि केंद्र से हैंडपंप सामग्री की खरीदी।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भुगतान से जुड़ी फाइलें, कोटेशन, फोटो और कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।




