ट्रंप के ‘भारत नर्क’ बयान पर अंतरराष्ट्रीय बवाल, ईरान ने भारत का बचाव करते हुए अमेरिका को दिखाया आईना

नई दिल्ली/रायपुर, 24 अप्रैल 2026।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को लेकर दिए गए विवादित बयान ‘नर्क के समान’ ने अब वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक बहस छेड़ दी है। इस बयान के बाद जहां भारत में विरोध देखने को मिला, वहीं अब ईरान ने खुलकर भारत के समर्थन में उतरते हुए अमेरिका को करारा जवाब दिया है।
🇮🇷 ईरान ने सोशल मीडिया से दिया जवाब
ईरानी कॉन्सुलेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो साझा करते हुए भारत की विविधता और सुंदरता को दुनिया के सामने रखा। करीब 16 सेकंड के इस वीडियो में महाराष्ट्र के दो विपरीत दृश्य दिखाए गए हैं—एक ओर मुंबई की आधुनिक गगनचुंबी इमारतें, तेज रफ्तार हाईवे और शहरी जीवन, तो दूसरी ओर पहाड़ों, झरनों, झीलों और हरियाली से भरे प्राकृतिक नजारे।
इस वीडियो के साथ ईरान ने ट्रंप को सीधे संदेश देते हुए लिखा—
“कभी भारत आकर देखो, फिर बोलना।”
पोस्ट में भारत को ‘कल्चरल डिटॉक्स’ यानी दुनिया को समझने और सोच बदलने की प्रेरणा देने वाला देश बताया गया है।
🇺🇸 अमेरिका में भी मचा सियासी तूफान
ट्रंप के बयान को लेकर अमेरिका के भीतर भी राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इस टिप्पणी को “नस्लवादी और भड़काऊ” करार दिया है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि ऐसे बयान अमेरिका की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाते हैं और समाज में विभाजन को बढ़ावा देते हैं।
डेमोक्रेटिक नेताओं ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे गंभीर राजनीतिक मुद्दों को संबोधित करने के बजाय सोशल मीडिया पर विवादित और विभाजनकारी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
📱 क्या कहा था ट्रंप ने?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर अप्रवासी नीति को लेकर टिप्पणी करते हुए लिखा था कि अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा नागरिक बन जाता है और फिर लोग चीन, भारत या “धरती के किसी भी नर्क” से अपने परिवार को अमेरिका ले आते हैं।
बयान सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई। हालांकि कुछ घंटों बाद ट्रंप ने भारत को एक “महान देश” भी बताया, लेकिन तब तक यह मुद्दा वैश्विक विवाद का रूप ले चुका था।
🌏 भारत की छवि पर बहस तेज
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर भारत की वैश्विक छवि को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एक तरफ ईरान जैसे देश भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता की तारीफ कर रहे हैं, वहीं ट्रंप के बयान ने कूटनीतिक हलकों में असहजता पैदा कर दी है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।




