छत्तीसगढ़

झीरम पहुंच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

झीरम, 15 अगस्त 2026

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर जिले की झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया और उनके बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धा एवं संकल्प के साथ उन्हें याद किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि झीरम के शहीदों की स्मृति में बने स्मारक को जल्द ही स्मरणीय स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।

झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर विभीषिका थी – उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर विभीषिका थी। इस घटना में प्रदेश ने अपने वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खोया। वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री स्वर्गीय नंदकुमार पटेल और नेता प्रतिपक्ष रहे स्वर्गीय महेंद्र कर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता।

उन्होंने कहा कि वे झीरम के शहीदों को यह बताने आए हैं कि जिस ताकत ने बस्तर को वर्षों तक भय और हिंसा के साये में रखा, संविधान और लोकतंत्र की पहुंच को सुदूर अंचलों तक नहीं पहुंचने दिया तथा तिरंगे को फहराने और विकास की गति को रोकने का प्रयास किया, उस ताकत को जड़ से उखाड़ फेंका गया है।

बस्तर अब खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है – श्री शर्मा ने कहा कि आज बस्तर फिर से खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। तीन दिन की बस्तर तिरंगा यात्रा में पांच जिलों में करीब 600 किलोमीटर की यात्रा कर शांति का संदेश दिया गया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के आखिरी गढ़ रहे कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर देश को यह संदेश दिया गया कि अब भारत का संविधान देश के हर कोने में लागू होगा।

उन्होंने कहा कि अब कोई भी बंदूक के बल पर इस धरती को मासूमों के रक्त से रक्तरंजित नहीं कर सकेगा। झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

शहीदों के परिजनों से मुलाकात – उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने परिजनों से कहा कि शासन द्वारा सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है।

इस दौरान शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए प्रदान की।

बस्तर को गोलियों से नहीं, हौसले और विश्वास से जीता है – उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है। बस्तर के युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता गया है।

उन्होंने कहा कि भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसका परिणाम है कि 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है। उन्होंने इसे बस्तर में शांति और विश्वास की नई सुबह का संकेत बताया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम की घटना में प्रदेश ने अपना शीर्ष नेतृत्व खोया, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल नक्सलियों को आज भी कुछ लोग अपना रोल मॉडल मानते हैं।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक विनायक गोयल, महापौर जगदलपुर संजय पांडे, अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बी.एन. मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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