छत्तीसगढ़

CM साय का बस्तर राज्य की मांग पर दो टूक जवाब, बोले- मोदी-शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद खत्म हुआ, मांग करने वाले छत्तीसगढ़ विरोधी

रायपुर, 04 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ से अलग बस्तर राज्य बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। दिल्ली दौरे से रायपुर लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत में CM साय ने अलग बस्तर राज्य की मांग करने वालों को विकास विरोधी बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जिस काम को कभी असंभव माना जाता था, उसे सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों से संभव किया गया है।

उन्होंने कहा कि नक्सली लंबे समय तक बस्तर में सड़क, स्कूल और अन्य विकास कार्यों को बाधित करते रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति और जवानों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हुई है।

अलग बस्तर राज्य की मांग पर क्या बोले CM साय?

अलग बस्तर राज्य बनाए जाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी मांग करने वाले विकास विरोधी बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर को अलग राज्य बनाने की मांग छत्तीसगढ़ की जनता के हित में नहीं है।

CM साय ने कहा कि सरकार का फोकस बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के जरिए क्षेत्र में तेजी से विकास किया जा रहा है।

जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ की उपलब्धि

दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जल शक्ति मंत्रालय की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में जल संरक्षण और ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ को लेकर छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन की चर्चा हुई।

CM साय ने बताया कि ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य के पांच जिले देश के टॉप-10 जिलों में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि बारिश की हर बूंद को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है।

हर राज्य में ‘कैच द रेन प्लान’ की जरूरत

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि हर राज्य को अपनी भौगोलिक और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करना चाहिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ शुरू करने का सुझाव भी दिया।

CM साय के मुताबिक, आधुनिक तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी के जरिए जल संरक्षण के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar