छोटे देवड़ा के शिलापट्ट पर सियासत गरमाई: खेमेश्वरी कश्यप का लखेश्वर बघेल पर हमला, बोलीं—‘एक तरफ सबका सम्मान, दूसरी तरफ सिर्फ अपना नाम’

बस्तर,14 सितम्बर 2026
बस्तर विधानसभा के छोटे देवड़ा गांव में दो विकास कार्यों के भूमिपूजन के शिलापट्ट अब सियासी बहस का केंद्र बन गए हैं। बकावंड ब्लॉक के ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में लगे दोनों शिलापट्टों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष खेमेश्वरी कश्यप ने कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक शिलापट्ट पर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों को स्थान नहीं दिया गया, जबकि भाजपा सरकार की योजना के तहत हुए कार्य के शिलापट्ट में विभिन्न जनप्रतिनिधियों को सम्मान दिया गया है।
6.40 लाख के काम के बोर्ड पर नाम को लेकर सवाल
खेमेश्वरी कश्यप ने कहा कि विधायक निधि से 6.40 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसी सड़क के भूमिपूजन शिलापट्ट पर विधायक लखेश्वर बघेल, सरपंच संतोष कश्यप और उपसरपंच राहुल सोनवानी के नाम दर्ज हैं। उनका आरोप है कि इसमें जिला पंचायत और जनपद पंचायत के सदस्यों को जगह नहीं दी गई।
उन्होंने इसे लेकर कांग्रेस विधायक की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि गांव के विकास में सभी जनप्रतिनिधियों की भूमिका होती है, ऐसे में शिलापट्ट पर उनका प्रतिनिधित्व भी होना चाहिए।
5.20 लाख के काम के बोर्ड को बनाया राजनीतिक मुद्दा
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत 5.20 लाख रुपए के कार्य के भूमिपूजन शिलापट्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसमें सांसद महेश कश्यप के साथ क्षेत्रीय विधायक लखेश्वर बघेल का नाम भी दर्ज किया गया है।
खेमेश्वरी कश्यप ने कहा कि इस शिलापट्ट में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, जनपद अध्यक्ष सोनभारी भद्रे, जनपद उपाध्यक्ष तरुण पांडे और जनपद सदस्य खेमेश्वरी कश्यप समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को भी स्थान दिया गया है। उन्होंने इसे भाजपा की ‘सबका साथ, सबका विकास’ वाली सोच से जोड़ते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोला।
‘जनता सब देख रही है’
खेमेश्वरी कश्यप ने कहा कि छोटे देवड़ा की जनता विकास कार्यों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के सम्मान को भी देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा सरकार विपक्ष के जनप्रतिनिधियों को भी मंच और शिलापट्ट पर सम्मान देती है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली में कथित तौर पर भेदभाव दिखाई देता है।
उन्होंने कहा, “गांव के विकास में जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, सरपंच और पंच सभी की भूमिका होती है। ऐसे में शिलापट्ट पर केवल एक नाम को प्रमुखता देना बाकी जनप्रतिनिधियों का अपमान है।”
शिलापट्ट से विधानसभा की सियासत तक पहुंचा विवाद
छोटे देवड़ा के शिलापट्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बस्तर विधानसभा की राजनीतिक लड़ाई से जोड़ा जा रहा है। खेमेश्वरी कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सबको साथ लेकर चलने की नीति पर काम कर रही है और इसका उदाहरण विकास कार्यों के शिलापट्टों में भी दिखाई देता है।
उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में जनता को यह तय करना होगा कि वह ‘सबका सम्मान और विकास’ की राजनीति के साथ खड़ी है या फिर ऐसी राजनीति के साथ जिसमें केवल कुछ नामों को महत्व दिया जाता है।
‘इस बार वोट विकास की सोच को’
खेमेश्वरी कश्यप ने कहा कि बस्तर विधानसभा की जनता अब सब कुछ देख और समझ रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता अपने क्षेत्र के विकास, जनप्रतिनिधियों के सम्मान और काम करने की सोच को आधार बनाकर फैसला करेगी।
उन्होंने छोटे देवड़ा सहित पूरे बस्तर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से भाजपा के विकास मॉडल और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति के पक्ष में मतदान करने की अपील की।






