नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ से विकासयुक्त छत्तीसगढ़ की ओर: देश के अग्रणी राज्यों में होगी पहचान—CM साय

रायपुर, 6 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद की चुनौती से आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अब विकास, सुशासन, निवेश और नवाचार के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। विकसित भारत@2047 की यात्रा में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित एक निजी होटल में समाचार चैनल लाइव टाइम्स द्वारा आयोजित ‘नक्सलमुक्त विकासयुक्त छत्तीसगढ़@2047’ कार्यक्रम ‘एलटी एक्सचेंज’ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान, बस्तर विकास, किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण, आवास, निवेश, डिजिटल गवर्नेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सलवाद की समस्या से होती थी, लेकिन आज परिस्थितियां तेजी से बदली हैं। नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता के साथ राज्य में विकास की नई संभावनाएं सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में सरकार बनने के बाद केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को नई गति मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सफलता के पीछे जवानों का साहस, समर्पण और बलिदान महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा कैंप बन रहे ‘सेवा डेरा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नक्सलवाद के समाधान के लिए केवल सुरक्षा अभियान पर निर्भर रहने के बजाय विकास और जनविश्वास को भी रणनीति का हिस्सा बनाया है।
‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों में सड़क, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली-पानी और अन्य सरकारी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। अब सुरक्षा कैंपों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।
बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी अंचल बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश के सबसे विकसित आदिवासी अंचलों में स्थापित करना है। नक्सल हिंसा के कारण बंद हुए स्कूलों को फिर से खोला गया है। संचार और कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर’ योजना के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जबकि ‘बस्तर मुन्ने’ अभियान के माध्यम से अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ रहे हैं।
कृषि, पशुपालन, वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बस्तर के विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है। वनोपज के वैल्यू एडिशन के जरिए स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने पर जोर है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं और इसके लिए ऋण व सब्सिडी की व्यवस्था की जा रही है।
ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि दंतेवाड़ा के एजुकेशन हब की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने का प्रावधान बजट में किया गया है। वहीं गीदम में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दी गई है।
आदिवासी बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा से जोड़ने के लिए प्राथमिक स्तर पर गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है।
नियद नेल्लानार 2.0 का रोडमैप तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में ‘नियद नेल्लानार 2.0’ का रोडमैप तैयार किया जा चुका है। इंद्रावती नदी पर देऊरगांव और मटनार परियोजनाओं के जरिए लगभग 80 हजार एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
18 लाख आवासों की स्वीकृति, रोज बन रहे 1600 घर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी दी गई। पिछले दो वर्षों में 11 लाख से अधिक आवास बन चुके हैं और प्रदेश में प्रतिदिन करीब 1600 आवास बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का मकान केवल छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है।
महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। अब तक 31 किश्तों की राशि प्रदान की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग किराना दुकान, सिलाई मशीन और अन्य आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं।
किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और करीब 75 प्रतिशत किसान छोटे एवं सीमांत श्रेणी के हैं। सरकार किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद रही है।
किसानों की आय बढ़ाने के साथ सिंचाई, आधुनिक कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी सरकार का फोकस है।
सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। राज्य में ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ बनाया गया है और ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है।
सरकारी प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से नागरिक सेवाओं को सरल और सुगम बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सवा आठ लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति और निवेश अनुकूल वातावरण के कारण छत्तीसगढ़ को करीब सवा आठ लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
प्रदेश में सेमीकंडक्टर प्लांट, डेटा सेंटर और मेडिसिटी जैसे भविष्य से जुड़े प्रोजेक्ट आकार ले रहे हैं। नवा रायपुर में करीब 100 एकड़ में मेडिसिटी विकसित की जा रही है।
सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि इसके माध्यम से रोजगार, आधुनिक तकनीक और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा करना है।
AI मिशन से 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन पर काम किया जा रहा है। करीब 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने की तैयारी है।
सरकारी विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी AI के उपयोग की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
धर्मांतरण के खिलाफ कठोर प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी या अशिक्षा का अनुचित लाभ उठाकर धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ राज्य सरकार ने कठोर प्रावधान किए हैं। सरकार का उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों और सामाजिक-सांस्कृतिक हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
विकसित भारत@2047 में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति, बस्तर में शांति और विकास, गरीब कल्याण, महिला सशक्तीकरण, किसान हित, औद्योगिक निवेश, तकनीक और पारदर्शी प्रशासन—इन सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ एक साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है जो समृद्ध, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प में छत्तीसगढ़ अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।




