17 साल 8 महीने की सत्ता के बाद भी बस्तर बदहाल, नारायणपुर बेहाल: निलय कश्यप

नारायणपुर/बस्तर,8 सितम्बर 2026
छत्तीसगढ़ शासन में लंबे समय तक कैबिनेट मंत्री रहे केदार कश्यप पर युवा कांग्रेस ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष निलय कश्यप (नानु) ने तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 17 वर्ष 8 महीने यानी 6,472 दिनों का सत्ता में लंबा कार्यकाल कागजों पर भले उपलब्धि नजर आए, लेकिन जमीनी स्तर पर यह बस्तर की उपेक्षा और चुप्पी का प्रतीक है।
निलय कश्यप ने कहा कि आदिम जाति कल्याण, स्कूल शिक्षा, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), जल संसाधन और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभालने के बावजूद आज बस्तर का गरीब आदिवासी, बेरोजगार युवा, मातृशक्ति, छोटे व्यापारी और छात्र बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लंबे राजनीतिक कार्यकाल के बाद बस्तर और नारायणपुर की जनता को क्या मिला?
निलय कश्यप ने उठाए 5 सवाल
1. नारायणपुर की बदहाल सड़कों का जिम्मेदार कौन?
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद नारायणपुर और आसपास की सड़कें बदहाल हैं। ग्रामीणों और राहगीरों को जगह-जगह गड्ढों और खराब सड़कों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
2. शिक्षा व्यवस्था बदहाल क्यों?
निलय कश्यप ने आरोप लगाया कि वर्षों तक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद कई स्कूल भवन जर्जर हैं और अनेक स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और भविष्य पर पड़ रहा है।
3. अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव क्यों?
उन्होंने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक विशेषज्ञ डॉक्टरों, दवाओं और जांच सुविधाओं की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर किए जाने की स्थिति बनी हुई है।
4. स्थानीय रोजगार के अवसर कहां हैं?
युवा कांग्रेस नेता ने कहा कि क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं बन पाए हैं। इसके कारण बस्तर के युवाओं को काम की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
5. जल-जंगल-जमीन के मुद्दे पर आदिवासियों की अनदेखी क्यों?
उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी अधिकार, जमीन से जुड़े विवाद और क्षेत्रीय अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
‘मुद्दों पर मौन रहने के लिए बधाई’
निलय कश्यप ने कहा कि डेढ़ दशक से अधिक का यह राजनीतिक सफर जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय उनकी अनदेखी के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान मंत्री का राजनीतिक कद जरूर बढ़ा, लेकिन बस्तर का विकास अपेक्षित गति नहीं पकड़ सका।
युवा कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
निलय कश्यप ने चेतावनी दी कि जनता अब खोखले दावों से बहलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जर्जर सड़कों, बदहाल स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी समस्याओं पर तत्काल ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो युवा कांग्रेस जनता के साथ मिलकर सड़कों पर निर्णायक संघर्ष करेगी।




