
कांकेर,6 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बुधवार को मादा भालू के खूनी हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया। नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला और गवरसिल्ली गांव में हुए अलग-अलग हमलों में भाई-बहन समेत तीन ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया।
जानकारी के अनुसार, लारगांव मरकाटोला गांव में हलालखोर जुर्री (45), चमरीन जुर्री (40) और सोरिन जुर्री (30) खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान मादा भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले में हलालखोर जुर्री और उनकी बहन चमरीन जुर्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सोरिन जुर्री गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं गवरसिल्ली गांव में हुए दूसरे हमले में एक महिला की जान चली गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमले के बाद भी मादा भालू शवों के पास डटी रही और उन्हें लगातार नोचती रही। घटना का वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन भालू के आक्रामक व्यवहार के कारण रेस्क्यू अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। इस दौरान भालू ने वन विभाग की गाड़ी पर भी हमला कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार को मादा भालू के शावक की मौत हो गई थी, जिसके बाद से वह बेहद आक्रामक हो गई थी। पूर्व सरपंच अन्नपूर्णा ठाकुर ने बताया कि भालू अपने मृत शावक के साथ गांव के आसपास घूम रही थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को पहले ही दे दी थी, लेकिन समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से इतना बड़ा हादसा हो गया। हालांकि, वन विभाग का कहना है कि शावक की प्राकृतिक मौत हुई थी।
वन विभाग के अनुसार, मादा भालू की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी। इसके बाद रायपुर से विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया, जिसने भालू को बेहोश कर सुरक्षित पिंजरे में रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने भालू को डंडों से पीट दिया और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर लापरवाही का आरोप लगाया।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से जंगल और आसपास के इलाकों में अकेले न जाने तथा सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही शावक की मौत के कारणों और मादा भालू के असामान्य व्यवहार की जांच भी शुरू कर दी गई है।




