छत्तीसगढ़ में मानसून हुआ पूरी तरह सक्रिय, अगले 7 दिनों तक झमाझम बारिश के आसार

रायपुर, 1 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से धीमी गति से आगे बढ़ रहा मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले सात दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून तक मानसून पूरे छत्तीसगढ़ में पहुंच चुका है, जिससे अब प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों में सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई।
बारिश अब भी सामान्य से 65 प्रतिशत कम
आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून तक प्रदेश में सामान्य रूप से 188 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 66.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। यानी राज्य में करीब 121.8 मिमी यानी लगभग 65 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में सक्रिय मानसून इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकता है।
इन जिलों में अच्छी बारिश के संकेत
सैटेलाइट इमेज के अनुसार रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा तथा आसपास के जिलों के ऊपर घने बादलों का प्रभाव बना हुआ है। वहीं बस्तर संभाग में भी बादलों की सक्रियता बनी हुई है। पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा से लगातार नमी वाले बादल प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे कई क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।
रायपुर में दिनभर बादल और बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को रायपुर में दिनभर बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक, तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। राजधानी में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
3 जुलाई के आसपास बन सकता है लो प्रेशर एरिया
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिका (ट्रफ) सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है, जिससे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
किसानों को मिलेगी राहत
जून में कम बारिश के कारण कई जिलों में खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई थी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आएगी और धान की बुआई एवं रोपाई के कार्य में तेजी आएगी। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।




