फीस नहीं दी तो रोकी टीसी? बकावंड के डीएवी स्कूल पर पालकों का आरोप, बच्चों के भविष्य पर संकट

बकावंड, 25 जून 2026
विकासखंड बकावंड में संचालित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में छात्रों की ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) रोके जाने का मामला सामने आया है। पालकों ने आरोप लगाया है कि बस शुल्क और अन्य बकाया फीस जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों को टीसी जारी नहीं की जा रही है, जिससे उन्हें दूसरे स्कूलों में प्रवेश लेने में परेशानी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, बस्तर जिले में आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन ने डीएवी पब्लिक स्कूल समूह के साथ अनुबंध कर मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूलों का संचालन शुरू किया है। हालांकि अब स्कूल प्रबंधन पर विद्यार्थियों और पालकों से विभिन्न मदों में शुल्क वसूली करने तथा फीस बकाया होने पर टीसी रोकने के आरोप लग रहे हैं।
ग्राम पंचायत टलनार निवासी किसान नरसिंह पुजारी ने बताया कि उन्होंने और अन्य पालकों ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उनका पुत्र पिछले 10 वर्षों से डीएवी स्कूल टलनार में अध्ययनरत है। वर्ष 2023 से उनका बेटा निजी वाहन से स्कूल आ-जा रहा है और इसकी सूचना स्कूल प्रबंधन को भी दी गई थी। इसके बावजूद उनसे बस शुल्क जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
पालकों का आरोप है कि फीस जमा नहीं करने पर बच्चों को टीसी देने से मना किया जा रहा है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। मामले को लेकर क्षेत्र में असंतोष का माहौल है।
इधर, स्कूल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, डीएवी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले लगभग छह माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
प्राचार्य ने क्या कहा
स्कूल के प्राचार्य पांडेय ने कहा कि कई पालक समय पर फीस जमा नहीं करते हैं, जिसके कारण स्कूल प्रबंधन को सख्त कदम उठाने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा, “पालक समय पर फीस नहीं भर रहे हैं। हमें भी करीब छह महीने से वेतन नहीं मिला है। यदि छात्रों से फीस नहीं ली जाएगी तो स्कूल संचालन और कर्मचारियों की स्थिति और खराब हो जाएगी।”
अब इस पूरे मामले में जिला शिक्षा विभाग की कार्रवाई और जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




