आपातकाल लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय, कांग्रेस इसकी दोषी : सांसद महेश कश्यप

भाजपा ने मनाई आपातकाल की 51वीं बरसी, कहा– सत्ता बचाने के लिए कांग्रेस ने देश पर थोपा था आपातकाल
जगदलपुर, 25 जून 2026,भारतीय जनता पार्टी द्वारा आपातकाल की 51वीं बरसी के अवसर पर जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने केवल अपनी सत्ता बचाने के लिए देश पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना को कुचलने का काम किया था।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगा दिया गया, समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू की गई और सरकार के विरोध में आवाज उठाने वाले हजारों लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उस दौर की घटनाओं से देश के युवाओं और नई पीढ़ी को अवगत कराना आवश्यक है, ताकि लोकतंत्र के महत्व को समझा जा सके।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आपातकाल को “काला दिवस” के रूप में याद करती है और इसे संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या मानती है। उनके अनुसार देशवासियों को कांग्रेस शासन के उस दौर की वास्तविकता जाननी चाहिए, जिससे भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के प्रति जागरूकता बनी रहे।
पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डे, सुधीर पाण्डे, योगेन्द्र पाण्डे, रामाश्रय सिंह, आर्येन्द्र सिंह आर्य, परीसराम बेसरा, निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, प्रकाश झा, राजेन्द्र बाजपेई, कृष्ण कुमार शुक्ला, दिनेश के.जी. एवं ब्रिजेश शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भारतीय जनता पार्टी ने आपातकाल की वर्षगांठ पर कांग्रेस के तत्कालीन शासनकाल को लोकतंत्र के लिए काला अध्याय बताते हुए इसे जनता के बीच प्रमुखता से रखने की बात कही। इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और संविधान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।




