संविधान हत्या दिवस पर BJP का काला दिवस: लता उसेंडी बोलीं- आपातकाल लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय

कोण्डागांव। 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को भाजपा कार्यालय कोण्डागांव में ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में काला दिवस मनाया। इस दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक लता उसेंडी ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया।
लता उसेंडी ने कहा कि आपातकाल के दौरान तत्कालीन सरकार ने संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आघात किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास हुआ।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद किया गया तथा असहमति की आवाज़ को दबाया गया। उसेंडी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले अनेक लोकतंत्र सेनानियों ने यातनाएं सहन कीं और कई लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।
कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले शहीदों एवं लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज जैन, गोपाल दीक्षित, शहर मंडल अध्यक्ष कुलवंत सिंह चहल सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।




