बस्तर में 17 दिन का प्रशिक्षण पूरा: पशु सखियों को मिली किट, गांव-गांव पहुंचाकर देंगी पशुओं की प्राथमिक सेवाएं

जगदलपुर, 16 जून 2026। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पशुपालन क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में बस्तर जिले में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ए-हेल्प योजना अंतर्गत 17 दिवसीय द्वितीय बैच का आवासीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) आड़ावाल में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन मंगलवार को हुआ।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान पशु सखियों को पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, रोगों की पहचान, समय पर टीकाकरण, पोषण प्रबंधन तथा आधुनिक पशुपालन तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को ग्रामीण स्तर पर पशुपालकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए आवश्यक कौशल भी सिखाए गए।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब ये पशु सखियां अपने-अपने गांवों में पशुपालकों को जागरूक करेंगी तथा घर-घर पहुंचकर पशुओं की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन के स्वास्थ्य में सुधार होने के साथ पशुपालकों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
समापन समारोह के अवसर पर सभी प्रशिक्षित महिलाओं को कार्य निष्पादन हेतु ‘पशु सखी किट’ का वितरण भी किया गया। इस किट में पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा और देखभाल से संबंधित आवश्यक उपकरण शामिल हैं, जिनकी सहायता से वे ग्रामीण स्तर पर प्रभावी सेवाएं प्रदान कर सकेंगी।
‘ए-हेल्प’ योजना की यह पहल न केवल बस्तर जिले के पशुपालकों के लिए लाभकारी साबित होगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेगी। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




