तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ी सौगात: 10.70 लाख खातों में पहुंचे ₹627 करोड़, राज्य में 82% भुगतान पूरा

रायपुर, 15 जून 2026
छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भुगतान की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में अब तक राज्य के 10 लाख 70 हजार 186 संग्राहकों के बैंक खातों में ₹627.62 करोड़ की राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है। यह कुल भुगतान योग्य राशि का 82.33 प्रतिशत है।
छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष प्रदेश में 13.85 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित किया गया है, जिसके एवज में लगभग ₹762.28 करोड़ की भुगतान योग्य राशि निर्धारित की गई है।
राज्य सरकार द्वारा डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक ₹649.15 करोड़ की राशि ओटीपी सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण कर चुकी है, जबकि भुगतान रिजेक्शन की दर मात्र 0.37 प्रतिशत रही है, जो व्यवस्था की पारदर्शिता और दक्षता को दर्शाती है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वनांचल के परिवारों की आर्थिक समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों को उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक समय पर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।
उन्होंने कहा कि लघुवनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत कर वनवासियों की आय बढ़ाने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भुगतान की उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। रायपुर क्षेत्र में 98.61 प्रतिशत, दुर्ग में 95.45 प्रतिशत, बिलासपुर में 92.29 प्रतिशत तथा नारायणपुर जिले में 97.27 प्रतिशत भुगतान पूर्ण हो चुका है। शेष क्षेत्रों में भी भुगतान प्रक्रिया जारी है और अधिकारियों को शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
तेन्दूपत्ता भुगतान अभियान की इस सफलता को राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों, तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था और सतत निगरानी का परिणाम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र संग्राहक तक भुगतान की राशि शीघ्र पहुंचे और वनाधारित आजीविका को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।




