छत्तीसगढ़

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘बीमा सखी’ बन रही छत्तीसगढ़ में सुशासन का सशक्त मॉडल

  • मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एलआईसी बीमा सखी योजना (MCA) चला रही है।
  • 9 दिसंबर 2024 से शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार, वित्तीय साक्षरता और सामाजिक नेतृत्व से जोड़ना है।
  • 10वीं पास महिलाएं एलआईसी एजेंट के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती हैं।
  • योजना के तहत महिलाओं को 3 वर्षों तक मासिक स्टाइपेंड दिया जाता है:
    • प्रथम वर्ष – ₹7,000
    • द्वितीय वर्ष – ₹6,000
    • तृतीय वर्ष – ₹5,000

योजना की खास बातें

  • महिलाओं को गांव-गांव में बीमा सेवाएं देने के लिए एजेंट कोड उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • स्वयं सहायता समूहों और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है।
  • पॉलिसी बेचने पर अतिरिक्त कमीशन भी मिलता है:
    • शुरुआती 4 महीने – ₹2,000
    • अगले 4 महीने – ₹4,000
    • अंतिम 4 महीने – ₹6,000

सत्यवंती बनीं प्रेरणा

  • ग्राम पंचायत जमुवाटाड़ की सत्यवंती ने बीमा सखी और बीसी सखी के रूप में काम शुरू किया।
  • उन्होंने पिछले 5 महीनों में लगभग ₹70,000 की आय अर्जित की।
  • अब वे गांव में बैंकिंग सेवाएं और बीमा जागरूकता दोनों का काम कर रही हैं।

ग्रामीण समाज में बदलाव

  • योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
  • ग्रामीण परिवारों में बीमा और वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
  • पारदर्शी चयन प्रक्रिया और नियमित भुगतान के कारण महिलाओं का भरोसा बढ़ा है।

निष्कर्ष

बीमा सखी योजना छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन और सुशासन का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है। सरकार का लक्ष्य हर महिला को आत्मनिर्भर और हर गांव को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

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