बस्तर में ‘इन्नोवेशन महाकुंभ’ 4-5 मई को, 1000+ बेरोजगार युवाओं को मिलेगा रोजगार व स्टार्टअप का मार्गदर्शन

,राज्यपाल व गृह मंत्री करेंगे शुभारंभ, समापन में सीएम विष्णुदेव साय होंगे शामिल • हल्बी भाषा में भी सत्रों का अनुवाद • पुनर्वासित माओवादी भी लेंगे प्रशिक्षण,
बस्तर,छत्तीसगढ़! बस्तर क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। बस्तर यूनिवर्सिटी में 4 और 5 मई को ‘इन्नोवेशन महाकुंभ’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 1 हजार से अधिक पढ़े-लिखे बेरोजगार आदिवासी युवा भाग लेंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल एवं गृह मंत्री द्वारा किया जाएगा, जबकि समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति रहेगी। बस्तर यूनिवर्सिटी के कुलपति मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, इस महाकुंभ में बस्तर संभाग के 1038 छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे, जिनमें 642 छात्राएं और 389 छात्र शामिल हैं। ये प्रतिभागी कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों से आएंगे।
इस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें लगभग 200 पुनर्वासित माओवादी भी शामिल होंगे, जिन्हें रोजगार, उद्योग और स्टार्टअप से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। कार्यक्रम में देशभर से 50 से अधिक विशेषज्ञ भाग लेंगे, जो युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इसके साथ ही, कार्यक्रम के सभी सत्रों का अनुवाद बस्तर की स्थानीय हल्बी भाषा में भी किया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय युवाओं को समझने में आसानी हो। वहीं, करीब 7 हजार पंजीकृत छात्र इस कार्यक्रम को सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनल के माध्यम से लाइव देख सकेंगे।
इस आयोजन में मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन, आईआईटी भिलाई, MFCC, CGCost, डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और स्वालंबी भारत अभियान से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
बस्तर में आयोजित होने वाला ‘इन्नोवेशन महाकुंभ’ न केवल युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार की दिशा दिखाएगा, बल्कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़कर क्षेत्र के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। यह पहल बस्तर के युवाओं के लिए एक नए भविष्य की मजबूत नींव साबित हो सकती है।



