बिना प्रोडक्शन वारंट गिरफ्तारी पर बवाल, रायपुर पुलिस टीम को गुवाहाटी में रोककर पूछताछ

गुवाहाटी/रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां असम के गुवाहाटी में रायपुर पुलिस और स्थानीय पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। डिजिटल अरेस्ट और आईटी एक्ट से जुड़े एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गई रायपुर पुलिस टीम को गुवाहाटी पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया।
जानकारी के मुताबिक, रायपुर के टिकरापारा थाने में दर्ज करीब 50 लाख रुपये के डिजिटल अरेस्ट केस में वांछित आरोपी की तलाश में रायपुर अजाक थाना प्रभारी रवींद्र कुमार यादव समेत चार पुलिसकर्मियों की टीम गुवाहाटी पहुंची थी। टीम का उद्देश्य आरोपी को गिरफ्तार कर रायपुर लाना था।
इसी दौरान जब पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, तो वहां स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस कार्रवाई को जबरदस्ती और अपहरण जैसा बताया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब गुवाहाटी पुलिस ने संदेह के आधार पर रायपुर पुलिस टीम को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि लगभग दो घंटे तक रायपुर पुलिस के अधिकारी और जवान हिरासत में रहे।
सूत्रों के अनुसार, स्थानीय पुलिस को आशंका थी कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया और प्रोडक्शन वारंट के आरोपी को राज्य से बाहर ले जाया जा रहा है। इसी कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय स्थापित होने के बाद स्थिति स्पष्ट की गई और रायपुर पुलिस टीम को रिहा कर दिया गया।
बाद में यह मामला शांत हुआ, लेकिन इस घटना ने दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय और कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल आरोपी और मामले की आगे की जांच प्रक्रिया पर पुलिस विभाग की नजर बनी हुई है।




