मन की बात में छत्तीसगढ़ मॉडल की गूंज: काले हिरण संरक्षण को मिली राष्ट्रीय पहचान, बोले केदार कश्यप—प्रदेश के लिए गर्व का पल

रायपुर, 26 अप्रैल 2026/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ के काले हिरण संरक्षण कार्यों का उल्लेख होने पर वन मंत्री केदार कश्यप ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उल्लेख नहीं, बल्कि राज्य के वन्यजीव संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी मान्यता है।
वन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, वन विभाग और स्थानीय समुदायों की साझा भागीदारी से काले हिरण संरक्षण एक सफल अभियान के रूप में उभरा है। यह मॉडल जनभागीदारी, सतत निगरानी और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण बन चुका है।
कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जैव विविधता संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। “मन की बात” जैसे मंच पर इन प्रयासों की चर्चा से यह स्पष्ट है कि राज्य पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत और भरोसेमंद पहचान बना रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार वन्यजीव संरक्षण, हरित विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। बांस आधारित आजीविका को बढ़ावा मिलने से ग्रामीणों की आय बढ़ी है और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर मिला है।
वन मंत्री ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे पर्यावरण संतुलन के साथ आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने अंत में कहा कि “मन की बात” के जरिए मिली यह पहचान प्रदेश के हर नागरिक, वनकर्मी और जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह छत्तीसगढ़ को सतत विकास के मार्ग पर और मजबूती से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।




