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आंजेर का टूटा पुल बना ‘मौत का रास्ता’, वर्षों से मरम्मत नहीं – ग्रामीणों में आक्रोश

जगदलपुर / लोहंडीगुड़ा, 25 अप्रैल 2026| बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत आंजेर में विकास के दावों की पोल खोलती एक गंभीर समस्या सामने आई है। गांव के नाले पर बनी पुलिया वर्षों पहले ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन आज तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। टूटी हुई पुलिया अब ग्रामीणों के लिए रोजाना खतरे का कारण बन गई है।

पुलिया के स्लैब नाले में गिर चुके हैं, दोनों ओर मलबा जमा है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भयावह हो जाती है, जब नाला पार करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा होता है।

स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित
गांव में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप हो चुकी हैं। 108 एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे इमरजेंसी में मरीजों को खाट पर लादकर कई किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। 102 महतारी एक्सप्रेस भी गर्भवती महिलाओं तक समय पर नहीं पहुंच पाती, जिससे जच्चा-बच्चा की जान हर दिन खतरे में बनी रहती है।

स्कूली बच्चों की जान पर खतरा
गांव के स्कूली बच्चे भी रोज इसी जर्जर पुलिया को पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। हर दिन हादसे का डर उनके साथ रहता है, लेकिन कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।

प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही पंचायत स्तर पर कोई पहल की गई। हर साल विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन आंजेर की यह बुनियादी समस्या अब तक फाइलों में ही दबी हुई है।

ग्रामीणों में आक्रोश, उठ रहे सवाल
ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया है कि जब बस्तर में विकास कार्यों पर भारी राशि खर्च हो रही है, तो आंजेर जैसे गांव तक एक साधारण पुल क्यों नहीं बन पाया? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

ग्रामीणों ने जल्द से जल्द पुलिया के निर्माण की मांग की है, ताकि गांव को सुरक्षित आवागमन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

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