छत्तीसगढ़

दंतेवाड़ा-सुकमा बॉर्डर के घने जंगलों में CRPF का भरोसेमंद कदम: 700 ग्रामीणों को मिली राहत सामग्री, चिकित्सा और खेल किट

सुकमा (छत्तीसगढ़)। जिले के अति संवेदनशील और घने वन क्षेत्र गोमगुड़ा स्थित फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 226वीं बटालियन ने सिविक एक्शन प्रोग्राम (CAP) के तहत बड़ा जनकल्याणकारी आयोजन किया। इस पहल के जरिए सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों के बीच विश्वास और सहयोग की मजबूत कड़ी स्थापित की।

कार्यक्रम पुलिस महानिरीक्षक (छत्तीसगढ़) शालिन (IPS) के मार्गदर्शन और उप महानिरीक्षक (ऑप्स) आनंद सिंह राजपुरोहित के पर्यवेक्षण में, कमांडेंट एच.पी. सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इसमें पालागुड़ा, भीमापुरम, मिनागट्टा, जोलरगुड़ा और करकांगुड़ा सहित आसपास के इलाकों से 700 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए।

इस दौरान ग्रामीणों को शिक्षा, आजीविका और दैनिक जीवन से जुड़ी उपयोगी सामग्री वितरित की गई। बच्चों को कॉपी, पेन, स्कूल बैग और ड्राइंग बॉक्स दिए गए, वहीं गांवों के लिए 200 लीटर पानी टैंक, सोलर लैंप और टिन शीट्स प्रदान की गईं। युवाओं को खेल सामग्री जैसे वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट किट और कैरम बोर्ड दिए गए, जिससे उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके।

घरेलू उपयोग की वस्तुओं में एल्यूमिनियम बर्तन, स्टील के सामान, छाते, साड़ियां, लुंगी, मच्छरदानी और कंबल भी वितरित किए गए। इसके अलावा आजीविका को मजबूत करने के लिए साइकिल, सिलाई मशीन और कृषि उपकरण भी ग्रामीणों को सौंपे गए।

कार्यक्रम के तहत चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, जिसमें डॉ. एस. कृष्णा के मार्गदर्शन में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां दी गईं। समापन पर सभी ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था कर आपसी भाईचारे को और मजबूत किया गया।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना, शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें भ्रामक प्रभावों से दूर रखना है। साथ ही सुरक्षा बलों ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम को ग्रामीणों ने सराहा और सुरक्षा बलों के प्रति आभार जताते हुए इसे भरोसे और विकास की दिशा में अहम कदम बताया।

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