समोदा गांव में अफीम की खेती पर सियासत: विपक्ष ने सरकार को घेरा, सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही रुकी

रायपुर, 09 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र के दौरान उस समय जोरदार हंगामा हो गया, जब विपक्ष ने दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती का मुद्दा उठाया।
नेता प्रतिपक्ष Charan Das Mahant ने स्थगन प्रस्ताव लाते हुए राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार आरोपियों को संरक्षण दे रही है और “धान का कटोरा” अब “अफीम का कटोरा” बनाया जा रहा है।
महंत ने कहा कि समोदा गांव में एक व्यक्ति विनायक ताम्रकार के निजी खेत में अफीम की खेती पाई गई है, जो राजधानी रायपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है।
उन्होंने आरोप लगाया, “छत्तीसगढ़ के युवाओं को नशे से बर्बाद किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि प्रशासन पूरे राज्य में अफीम की खेती को बढ़ावा देना चाहता है। यह सब सामूहिक संरक्षण में हो रहा है।”
इन आरोपों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसके चलते विधानसभा की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा विधायक Ajay Chandrakar ने कहा कि अवैध खेती पिछले चार वर्षों से चल रही थी और इसमें कांग्रेस की संलिप्तता होने की आशंका जताई।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि होली के लिए लकड़ी इकट्ठा करने गए ग्रामीणों ने इस खेती का पता लगाया।
बघेल ने कहा, “कलेक्टर ने भी पुष्टि की है कि विनायक ताम्रकार के खेत में अफीम की खेती हो रही थी, लेकिन एफआईआर में खेत मालिक का नाम तीसरे नंबर पर है और एक मजदूर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। यह मामले को दबाने की कोशिश है।” उन्होंने इस विषय पर विस्तृत चर्चा की मांग की।
इस पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री Vijay Sharma ने सदन को बताया कि 6 मार्च को एक व्हिसलब्लोअर की सूचना पर दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई की।
उन्होंने कहा, “पुलिस टीम तुरंत समोदा गांव स्थित फार्महाउस पहुंची। अगले दिन प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब्ती की कार्रवाई की गई। मौके से 6,242 किलोग्राम अफीम बरामद की गई और आरोपियों को वहीं गिरफ्तार कर लिया गया।”
गृह मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में 2,000 से अधिक मामलों में 5,000 से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार ने सभी जिलों में टास्क फोर्स का गठन किया है और नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े लोगों की आर्थिक जांच भी की जा रही है, जिसमें अब तक 16 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
महंत ने कहा कि राज्य में अलग-अलग जगहों से अफीम की खेती की खबरें आना गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इसका ग्रामीण समाज और युवाओं पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।




