CSMCL में 115 करोड़ का ओवरटाइम घोटाला: कागजों में एक्स्ट्रा शिफ्ट, कर्मचारियों तक नहीं पहुंचा पैसा; 2 गिरफ्तार

रायपुर, 21 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में 115 करोड़ रुपए के कथित ओवरटाइम घोटाले का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB-EOW) ने इस मामले में मैनपावर एजेंसी के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर को गिरफ्तार किया है। दोनों को 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
जांच में सामने आया है कि शराब दुकानों में कर्मचारियों के नाम पर कागजों में एक्स्ट्रा शिफ्ट दिखाई गई, लेकिन असल में उन्हें ओवरटाइम का भुगतान नहीं मिला। यह रकम एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों के बीच बांट ली गई।
ED की कार्रवाई से खुली परतें
मामले की शुरुआत 29 नवंबर 2023 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से हुई थी, जब रायपुर में 28.80 लाख रुपए कैश बरामद किए गए। जांच में यह पैसा कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान से जुड़ा निकला। इसके बाद ACB-EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
5 साल में 115 करोड़ का खेल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, 2019-20 से 2023-24 के बीच सरकार ने ओवरटाइम के लिए 115 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। नियम के अनुसार यह राशि सीधे कर्मचारियों को मिलनी थी, लेकिन मैनपावर एजेंसियों ने फर्जी एंट्री कर रकम निकाल ली।
कैश निकालकर पहुंचाते थे अधिकारियों तक
ACB के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कंपनी के खातों से कैश निकालकर अधिकारियों तक पहुंचाने का काम करते थे। बरामद 28.80 लाख रुपए भी इसी नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
बड़े नामों के सामने आने के संकेत
पूछताछ में CSMCL के कुछ अधिकारियों और सत्ता से जुड़े लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। जांच एजेंसी फिलहाल बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
पहले भी सामने आ चुका है शराब घोटाला
इससे पहले छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले को लेकर ED की जांच में कई बड़े नामों की पेशी हो चुकी है, जिसमें पूर्व आबकारी मंत्री और अन्य आरोपी शामिल रहे हैं।




