सोनारपाल में जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों पर सवाल, कांग्रेस प्रदेश सचिव श्याम कुमारी ध्रुव ने उठाई जवाबदेही की मांग

सोनारपाल,28 अक्टूबर 2026
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन बस्तर विकासखंड के ग्राम पंचायत सोनारपाल में योजना के कार्य अधूरे होने और ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिलने का मुद्दा सामने आया है। कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव श्याम कुमारी ध्रुव ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए योजना के जमीनी क्रियान्वयन और जिम्मेदारों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है।
श्याम कुमारी ध्रुव ने सवाल किया कि जब हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से योजना संचालित की जा रही है, तो सोनारपाल के ग्रामीणों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा है? योजना का काम अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ और ग्रामीणों को नियमित पेयजल के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा?
जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल घरों में नल कनेक्शन लगाना नहीं, बल्कि लोगों को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना भी है। ऐसे में योजना के अधूरे कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं और कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सुविधा लोगों की बुनियादी जरूरतों में शामिल है। ऐसे में योजना का लाभ समय पर नहीं मिलने से ग्रामीण परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सोनारपाल में कार्यों में देरी के कारणों और शेष कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
कांग्रेस प्रदेश सचिव श्याम कुमारी ध्रुव द्वारा उठाए गए सवालों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा यही है कि सोनारपाल के ग्रामीणों तक जल जीवन मिशन का लाभ कब पहुंचेगा। ग्रामीणों के लिए योजना की सफलता का वास्तविक पैमाना उनके घरों तक नल के माध्यम से नियमित और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता है।
अब यह देखना होगा कि अधूरे कार्यों को पूरा करने और ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग क्या कदम उठाता है और हर घर जल का लक्ष्य धरातल पर कब तक साकार होता है।




