
लंबे इंतजार के बाद झमाझम बारिश से किसानों को राहत, धान की फसल को मिला संजीवनी का सहारा
बस्तर 23 अगस्त 2026
लंबे समय से पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे बस्तर के किसानों के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश से खेतों में नमी लौटने लगी है। बारिश की झड़ी ने जहां सूखते खेतों को राहत दी है, वहीं किसानों के चेहरों पर भी उम्मीद की चमक दिखाई देने लगी है। किसान अब बेहतर बारिश की उम्मीद के साथ खेतों में कृषि कार्य तेज करने में जुट गए हैं।
बीते कई दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेती-किसानी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। खेतों में नमी कम होने से धान की फसल को लेकर किसान चिंतित थे। कई इलाकों में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे थे। ऐसे समय में हुई अच्छी बारिश ने किसानों को बड़ी राहत पहुंचाई है।
धान की फसल को मिली संजीवनी
बारिश के बाद खेतों में पानी और नमी की स्थिति में सुधार होने लगा है। धान की फसल के लिए यह बारिश काफी अहम मानी जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी मौसम मेहरबान रहा और पर्याप्त बारिश होती रही, तो फसल को अच्छा लाभ मिल सकता है।
बारिश के साथ ही खेती-किसानी के काम में भी तेजी आई है। किसान खेतों में जाकर फसल की स्थिति देख रहे हैं और आवश्यक कृषि कार्यों में जुट गए हैं। सूखेपन की ओर बढ़ रहे खेतों में अब फिर से हरियाली लौटने की उम्मीद जगी है।
मानसून पर निर्भर है बस्तर की खेती
बस्तर में बड़ी संख्या में किसान खेती के लिए मानसून पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में बारिश का समय पर होना खेती की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहती है और धान की फसल को अनुकूल परिस्थितियां मिलती हैं।
इस बारिश से किसानों की चिंता कुछ कम हुई है, लेकिन किसान चाहते हैं कि आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला बना रहे, ताकि फसल को पर्याप्त पानी मिल सके और उत्पादन प्रभावित न हो।
फिलहाल बारिश ने बस्तर के किसानों को बड़ी राहत दी है। सूखेपन की चिंता के बीच बरसी बारिश की बूंदों ने खेतों में नई उम्मीद जगाई है। अब किसानों की निगाहें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हैं। यदि मानसून इसी तरह मेहरबान रहा, तो बस्तर के खेतों में जल्द ही धान की फसल की हरियाली और लहराती बालियां किसानों की मेहनत की नई तस्वीर पेश करती नजर आएंगी।




