बस्तर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित, नदी-नाले उफने; कलेक्टर आकाश छिकारा और SP शलभ सिन्हा ने संभाला मोर्चा

जगदलपुर, 25 सितंबर 2026। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से बस्तर संभाग में मौसम ने करवट ली है। बुधवार से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। नदी-नालों के उफान पर आने से जिले के कई प्रमुख संपर्क मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है। वहीं इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है।
स्थिति को देखते हुए ओडिशा में इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध के तीन और मुरान बांध के दो गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। इससे निचले और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
कलेक्टर-SP ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
बाढ़ की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेने कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जगदलपुर शहर के गंगामुंडा पारा, महादेव घाट, खड़कघाट, मेडिकल कॉलेज अस्पताल डिमरापाल के आसपास के क्षेत्रों और नगरनार-भेजापदर मार्ग पर नदी बोड़ना सहित कई जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण किया।
इस दौरान राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के ठहरने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने शिविरों में भोजन, पेयजल और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता का जायजा लिया और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नदी-नालों और जलमग्न पुलों को पार नहीं करने की अपील
कलेक्टर और एसपी ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें।
प्रशासन ने आपात स्थिति में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष अथवा संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर सूचना देने की अपील की है।




