बस्तर में पेयजल व्यवस्था का होगा कायाकल्प, मारकंडी नदी से घरों तक पहुंचेगा शुद्ध पानी, 57.71 करोड़ रुपये मंजूर

रायपुर, 24 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के बस्तर नगर पंचायत में पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत बस्तर की नई जलप्रदाय योजना के लिए 57 करोड़ 71 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के पूरा होने से शहरवासियों को पर्याप्त मात्रा में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने इस योजना को मंजूरी दी है। योजना के पूर्ण होने के बाद बस्तर शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल की उपलब्धता मौजूदा 65 लीटर से बढ़कर 135 लीटर हो जाएगी। यानी प्रत्येक व्यक्ति को रोजाना 70 लीटर अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी
योजना के तहत बस्तर शहर में लगभग 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही 2,700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। इससे पेयजल वितरण नेटवर्क मजबूत होगा और लोगों को घरों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
मारकंडी नदी से शहर तक पहुंचेगा पानी
बस्तर जलप्रदाय योजना के अंतर्गत मारकंडी नदी के चपका एनीकट में इंटेकवेल का निर्माण किया जाएगा। यहां से रॉ-वॉटर पाइपलाइन के माध्यम से नदी का पानी जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। संयंत्र में पानी का शुद्धिकरण करने के बाद इसे शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
इस परियोजना के तहत नदी से पानी लेने, उसे शुद्ध करने और फिर पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे शहर में सुरक्षित पेयजल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
जल शोधन संयंत्र और उच्च स्तरीय जलागार का होगा निर्माण
परियोजना के तहत 3 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा 500 किलोलीटर क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार भी बनाया जाएगा। जल शोधन संयंत्र, जलागार और नए वितरण नेटवर्क के माध्यम से शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।
योजना के लिए स्वीकृत राशि में पांच वर्षों तक संचालन एवं संधारण का प्रावधान भी शामिल है। परियोजना को जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अरुण साव बोले—अमृत मिशन 2.0 से बदलेगी पेयजल व्यवस्था
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर नगर पंचायत में सभी परिवारों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अमृत मिशन 2.0 से शहर की पेयजल व्यवस्था का कायाकल्प होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक परिवार को बुनियादी सुविधाएं सुलभ हों और लोगों का जीवन अधिक सुविधाजनक बने। बस्तर की जलप्रदाय योजना इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगा विशेष जोर
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि बस्तर जलप्रदाय परियोजना के क्रियान्वयन में उच्च तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
उन्होंने निर्माण के प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी और कार्यों की प्रगति की सतत समीक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परियोजना के सभी घटकों का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता के साथ जून 2028 की समय-सीमा में पूरा करने के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।
नई जलप्रदाय योजना के पूरा होने से बस्तर शहर की पेयजल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। साथ ही, नागरिकों को प्रतिदिन अधिक मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार होगा।




