धान खरीदी केंद्र की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे बस्तर के किसान, बोले- मांग पूरी नहीं हुई तो लोहंडीगुड़ा में करेंगे चक्काजाम

बस्तर, 9 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में नवंबर महीने से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने वाली है। इससे पहले बस्तर के किसानों ने नए धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग तेज कर दी है। इसी सिलसिले में किसान एकजुट होकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्र दूर होने के कारण कई किसान अपनी पूरी उपज नहीं बेच पाते। मजबूरी में उन्हें कम कीमत पर बिचौलियों को धान बेचना पड़ता है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
छह गांवों के किसानों को मिलेगी राहत
तोयर ग्राम की सरपंच विसमनी कवासी ने बताया कि हाल ही में आयोजित ग्रामसभा में तोयर में नया धान खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। इस केंद्र के खुलने से आसपास के करीब छह गांवों के हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। किसानों को उम्मीद है कि नया केंद्र बनने से वे समय पर अपनी पूरी फसल समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे।
सरपंच के मुताबिक, वर्तमान में खरीदी केंद्र दूर होने के कारण किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धान परिवहन के लिए वाहन किराए पर लेना पड़ता है। दूरी अधिक होने से कई बार किसानों को रात भी बितानी पड़ती है। इसके बावजूद कुछ किसान अपने खेतों के रकबे के अनुसार पूरी उपज नहीं बेच पाते और उनकी फसल बच जाती है।
कर्ज चुकाने के लिए कम दाम पर धान बेचने की मजबूरी
किसान यूनियन के रमेश गोयल ने बताया कि किसान खेती के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ऋण लेते हैं। लेकिन जब उन्हें सरकारी खरीदी केंद्र पर धान बेचने का मौका नहीं मिलता, तो मजबूरी में वे अपनी उपज स्थानीय मंडियों में बिचौलियों को कम कीमत पर बेच देते हैं। इसके बाद उसी रकम से बैंक का कर्ज चुकाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों की दूरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कई किसानों को कर्ज चुकाने के लिए अपनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़ती है। ऐसे में तोयर में नया धान खरीदी केंद्र खुलने से किसानों की परेशानी काफी हद तक दूर हो सकती है।
आश्वासन नहीं, अब कार्रवाई चाहते हैं किसान
रमेश गोयल ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं, लेकिन अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन दिए जाते हैं। उनका कहना है कि जब तक किसान सड़क पर उतरकर आंदोलन नहीं करते, तब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नए धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग पूरी नहीं हुई, तो किसान एक बार फिर कलेक्टर से चर्चा करेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर लोहंडीगुड़ा में चक्काजाम आंदोलन किया जाएगा।
किसानों की मांग है कि धान खरीदी शुरू होने से पहले तोयर में नया खरीदी केंद्र खोलने की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि आसपास के गांवों के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर न जाना पड़े और उन्हें समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल सके।




