छत्तीसगढ़बकावंडबस्तर संभाग

तकनीकी शिक्षा को मिला व्यावहारिक आयाम, सेजेस बकावंड के विद्यार्थियों ने किया आईटीआई का औद्योगिक भ्रमण

कक्षा 9वीं से 12वीं तक के आईटी विद्यार्थियों ने HTML, पावरपॉइंट, DBMS, जीमेल एवं इंटरनेट की कार्यप्रणाली को करीब से समझा

किताबी ज्ञान के साथ तकनीकी दक्षता बढ़ाने की पहल, विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दी डिजिटल तकनीकों की जानकारी

बकावंड, 01 नवम्बर 2026

विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ तकनीकी एवं व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (सेजेस) बकावंड में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के आईटी (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) विषय के विद्यार्थियों को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण कराया गया।

इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने आईटीआई संस्थान में संचालित विभिन्न तकनीकी गतिविधियों और कंप्यूटर से संबंधित कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। संस्थान के प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को HTML, पावरपॉइंट, DBMS, जीमेल एवं इंटरनेट सहित विभिन्न डिजिटल तकनीकों के उपयोग और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तारपूर्वक समझाया।

प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि आधुनिक समय में सूचना प्रौद्योगिकी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। शिक्षा, रोजगार, संचार और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में कंप्यूटर एवं डिजिटल तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों ने इन तकनीकों को समझने के साथ-साथ उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी भी प्राप्त की।

इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखते हुए वास्तविक तकनीकी वातावरण से परिचित कराना तथा उनके ज्ञान, कौशल और भविष्य की रोजगार संबंधी संभावनाओं को मजबूत बनाना था।

इस अवसर पर आईटीआई के COPA (कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट) ट्रेनर राहुल साहू एवं डेविड पाण्डेय, विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती अनीता मिंज, व्यावसायिक आईटी प्रशिक्षिका निमिता साहू, हेल्थ केयर प्रशिक्षक अक्षय कुमार बंजारे, कुलदीप खांडेकर एवं मुकेश सिंह उपस्थित रहे।

व्यावहारिक शिक्षा से संवरेगा विद्यार्थियों का भविष्य

इस प्रकार के शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए सीखने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं। इससे विद्यार्थियों को तकनीकी विषयों की वास्तविक उपयोगिता समझने, नए कौशल विकसित करने और भविष्य में रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को पहचानने में मदद मिलती है। सेजेस बकावंड की यह पहल विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar