नई दिल्ली

जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के मामले में राहुल गांधी ने अभिजीत दीपके का किया समर्थन, बोले- अलग-अलग बैनर, लेकिन मकसद एक

नई दिल्ली,14 अक्टूबर 2026

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तिरंगा फहराने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का समर्थन किया है। सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तिरंगा फहराना अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता है। उन्होंने कहा कि छात्र, युवा, पत्रकार और INDIA गठबंधन भले ही अलग-अलग बैनर के तहत काम कर रहे हों, लेकिन उनका उद्देश्य एक है। सभी नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और वे इसे वापस लेंगे।

सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत

दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग को लेकर CJP ने प्रदर्शन किया था। मंगलवार को सौरव दास और आशुतोष रांका समेत पार्टी के अन्य कार्यकर्ता जंतर-मंतर पहुंचे और वहां तिरंगा फहराया।

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारी कथित तौर पर निर्धारित प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए जंतर-मंतर पहुंचे और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी करने से रोकने का प्रयास किया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये का बॉन्ड भरने के बाद रिहा कर दिया गया।

अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी को दी चुनौती

दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के लिए हिरासत में लिया गया है। दीपके ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार विरोध की आवाज दबाना चाहती है, तो उसे आपातकाल घोषित करने की हिम्मत दिखानी चाहिए।

पहले भी हिरासत में लिए गए थे CJP नेता

इससे पहले 10 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। 11 अक्टूबर को तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 50-50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा किया गया था। रिहाई की शर्तों के तहत उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने को कहा गया था।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar