
कोंडागांव,6 नवम्बर 2026
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के शामपुर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों और पालकों की शिकायतों के बाद प्रशासनिक जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। विद्यालय के कन्या और बालक छात्रावासों में राशन और अनाज में कीड़े, एक्सपायरी खाद्य सामग्री, गंदगी और क्षतिग्रस्त शौचालय पाए गए। वहीं, संदिग्ध सामग्री होने की आशंका पर प्रशासन ने चार कमरों को सील कर दिया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नूपुर राशि पन्ना ने जिला स्तरीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने 3 नवंबर को विद्यालय पहुंचकर कन्या और बालक छात्रावासों का निरीक्षण किया। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं में कई गंभीर खामियां सामने आईं।
कन्या छात्रावास में मिला खराब राशन
निरीक्षण के दौरान कन्या छात्रावास में रखे अनाज और राशन सामग्री में कीड़े पाए गए। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थों की उपयोग अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। शौचालयों में गंदगी और टूटे दरवाजे मिले। कई नल खराब होने के कारण लगातार पानी बह रहा था। छात्राओं की सुविधा के लिए लगाया गया सैनिटरी पैड बर्नर भी खराब पाया गया।
बालक छात्रावास में भी मिलीं खामियां
बालक छात्रावास के निरीक्षण में भी अनाज और राशन सामग्री में कीड़े मिले। इससे खाद्य सामग्री के उचित भंडारण और रखरखाव पर सवाल खड़े हुए हैं। विद्यार्थियों के भोजन और रहने की व्यवस्था में लापरवाही सामने आने के बाद समिति ने विस्तृत जांच की।
चार कमरे सील, प्राचार्य और अधीक्षक हटाए गए
जांच के दौरान विद्यालय के कुछ कमरों में संदिग्ध सामग्री रखे होने की आशंका के चलते नायब तहसीलदार की मौजूदगी में चार कमरों को सील कर दिया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने प्राचार्य चंद्रकिरण तिवारी को संस्था के सभी प्रभारों से हटा दिया है। वहीं, कन्या और बालक छात्रावास के अधीक्षकों को भी संस्था के कार्यों से पृथक कर दिया गया है।
विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए शासन ने नए प्राचार्य की नियुक्ति भी कर दी है। इसके साथ ही छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार और नियमित निगरानी के लिए पालक समिति गठित करने की अनुशंसा की गई है।
अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद विद्यार्थियों और पालकों को छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है। विशेष रूप से भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, शौचालयों की मरम्मत और छात्राओं की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना जरूरी होगा।




