अन्य खबरें

कांग्रेस में बढ़ा सियासी धर्मसंकट: सिद्धारमैया ने की 75% आरक्षण की मांग, CM डीके शिवकुमार की बढ़ी मुश्किलें

कर्नाटक,9 सितम्बर 2026

कर्नाटक की राजनीति में आरक्षण को लेकर कांग्रेस के भीतर नया विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी ही सरकार के सामने 75 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग रखी है। उन्होंने राज्य की जातिगत सर्वे रिपोर्ट को तुरंत लागू करने और दलितों, पिछड़े वर्गों तथा अल्पसंख्यकों के आरक्षण में बढ़ोतरी की मांग की है।

सिद्धारमैया ने 6 सितंबर को बेंगलुरु में पिछड़ा वर्ग महासंघ के रजत जयंती समारोह में कहा कि सामाजिक न्याय के लिए कम से कम 75 प्रतिशत आरक्षण जरूरी है। उन्होंने लोकसभा और विधानसभा में भी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व दिए जाने की बात कही।

कर्नाटक सरकार के लिए यह मांग इसलिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि जातिगत सर्वे रिपोर्ट लागू करने से कई प्रभावशाली समुदायों के हित प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, मांग को नजरअंदाज करने पर कांग्रेस की सामाजिक न्याय और जातिगत जनगणना की राष्ट्रीय नीति पर सवाल उठ सकते हैं।

बताया गया है कि राज्य में जातिगत सर्वे रिपोर्ट 2024 में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जयप्रकाश हेगड़े ने सिद्धारमैया को सौंपी थी। कांग्रेस सरकार नवंबर 2025 से तैयार इस रिपोर्ट को लागू करने को लेकर अब तक असमंजस में है।

केंद्र स्तर पर कांग्रेस लगातार जातिगत जनगणना, प्रतिनिधित्व और संसाधनों के समान बंटवारे की मांग उठाती रही है। ऐसे में सिद्धारमैया की 75 प्रतिशत आरक्षण की मांग ने कर्नाटक सरकार और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के सामने राजनीतिक चुनौती बढ़ा दी है।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar