सुकमा कनेक्ट 2.0 को केंद्र से 1.17 करोड़ की मंजूरी, 40 हजार कॉल के बाद गांवों तक पहुंचेंगी सेवाएं

रायपुर, 14 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों और आदिवासी क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं एवं नागरिक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। सुकमा जिले की अभिनव परियोजना ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ को केंद्र सरकार से 1.17 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी मिली है। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने इस प्रस्ताव को ‘स्टेट कोलैबोरेशन इनिशिएटिव’ के तहत देश के 14 चयनित प्रस्तावों में शामिल किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में शासकीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है। सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप सुकमा कनेक्ट 2.0 के माध्यम से अंतिम छोर तक नागरिक सुविधाएं पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत दूरस्थ गांवों में मोबाइल सेवा वैन भेजी जाएंगी और स्थानीय बोलियों में सहायता देने के लिए 24 घंटे संचालित बहुभाषी कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा।
40 हजार से अधिक कॉल, हजारों लोगों को मिला लाभ
सुकमा जिले में मार्च 2026 से संचालित केंद्रीकृत निगरानी एवं नियंत्रण केंद्र (CMCC 1.0) के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक फोन कॉल किए जा चुके हैं। इस पहल के अंतर्गत नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक 10,078 आयुष्मान कार्ड और 11,103 नए मतदाता पहचान पत्र बनाए गए हैं। इसके अलावा 5,788 आधार नामांकन और 27,391 बायोमेट्रिक अपडेट किए गए हैं।
आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में भी पहल का लाभ मिला है। जिले में 452 महिला स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है और 4,745 परिवारों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है।
स्थानीय बोलियों में मिलेगी सहायता, गांव-गांव पहुंचेंगी मोबाइल सेवा वैन
सुकमा कनेक्ट 2.0 के तहत स्थानीय बोलियों में चौबीसों घंटे सहायता उपलब्ध कराने के लिए बहुभाषी कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही दो मोबाइल सेवा वैन दूरस्थ गांवों तक पहुंचेंगी और आधार सहित अन्य नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराएंगी।
इस व्यवस्था से अंदरूनी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को जरूरी दस्तावेज बनवाने और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होगी। तकनीक और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से ग्रामीणों को उनके गांवों के नजदीक सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
198 आवासीय विद्यालयों और आश्रमों में होगी डिजिटल निगरानी
परियोजना के अंतर्गत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिले के 198 आवासीय विद्यालयों और आश्रमों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी। इसके अलावा स्कूल से बाहर रह गए बच्चों की पहचान और निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि ऐसे बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ा जा सके।
नागरिक सेवाओं, शासकीय योजनाओं और शिक्षा संबंधी गतिविधियों की निगरानी के लिए कलेक्टर स्तर पर डिजिटल डैशबोर्ड भी तैयार किया जाएगा। इससे विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और सेवाओं की उपलब्धता पर एक ही मंच से नजर रखी जा सकेगी।
दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में तकनीक आधारित प्रशासन को मिलेगा बढ़ावा
सुकमा कनेक्ट 2.0 का उद्देश्य तकनीक और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की उपलब्धता को अधिक प्रभावी बनाना है। मोबाइल सेवा वैन, बहुभाषी कॉल सेंटर और डिजिटल निगरानी व्यवस्था के जरिए ग्रामीणों को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा और आजीविका संबंधी योजनाओं की निगरानी भी मजबूत की जाएगी।
जिले में कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में मार्च 2026 से CMCC 1.0 का संचालन किया जा रहा है। अब 1.17 करोड़ रुपये की स्वीकृति से इस व्यवस्था के विस्तार का रास्ता खुला है।
सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्य के अनुरूप यह पहल दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में सरकारी सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने तथा तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




