बस्तर में सहकारिता का नया सूर्योदय, जगदलपुर में ‘सहकार से समृद्धि’ राष्ट्रीय वर्कशॉप का भव्य शुभारंभ

रायपुर, 08 अक्टूबर 2026
मां दंतेश्वरी की पावन धरा बस्तर के जगदलपुर में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘सहकार से समृद्धि’ राष्ट्रीय वर्कशॉप का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आयोजित यह नौवां सम्मेलन है। बस्तर में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इस स्तर का राष्ट्रीय विचार-मंथन आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश के दूरदराज, आकांक्षी और जनजातीय क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समृद्धि और विकास का लाभ पहुंचाना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि सहकारिता की सार्थकता तभी है, जब उसका प्रभाव जमीनी स्तर पर अंतिम छोर तक दिखाई दे। उन्होंने प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए देशभर में दो लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स, उनके पूर्ण डिजिटलीकरण और कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकास पर जोर दिया।
छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर सहकारिता को पारंपरिक खाद और ऋण वितरण तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन का माध्यम बनाने का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 500 से अधिक नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन किया जा चुका है। डेयरी, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के क्षेत्र में भी इसी दिशा में कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि समितियों को डिजिटल सुविधाओं, माइक्रो-एटीएम और सीएससी सेवाओं से जोड़ा गया है। औद्योगिक विस्तार के तहत कोंडागांव के मक्का आधारित और कवर्धा के गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्रों का भी उल्लेख किया गया।
तमिलनाडु की अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता पी. अमुधा ने राज्य के अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एक, तीन और पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तथा विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर लागू किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बस्तर की आपदा के बाद आयोजन स्थल को तैयार करने में जिला प्रशासन और पूरी टीम के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहा है और सहकारिता के क्षेत्र में मौजूद संभावनाएं स्थानीय आजीविका को नई ऊंचाई दे सकती हैं।
सम्मेलन में देश में सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। आयोजन स्थल पर विभिन्न सहकारी समितियों और संस्थाओं द्वारा अपने उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अधिकारी अपने अनुभव साझा करने के साथ सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नवोन्मेषी प्रयासों की जानकारी देंगे।
कार्यक्रम में बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर आकाश छिकारा, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिव एवं पंजीयक तथा सहकारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




