बस्तर के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण को मिलेगी प्राथमिकता, हर पात्र गांव तक पहुंचेगी सड़क

बस्तर, 30 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में विकास कार्यों को गति देने के लिए अब दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (सीजीआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह ने बस्तर संभाग के सभी क्षेत्रों का शत-प्रतिशत सर्वेक्षण कर प्रत्येक पात्र गांव और बसाहट तक सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर स्थित विकास भवन में शुक्रवार को आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (MMGSY) के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, कार्यों की प्रगति, समय-सीमा, संधारण और लंबित प्रकरणों की जानकारी ली।
पीएमजीएसवाई-1 के शेष कार्य छह महीने में पूरे करने के निर्देश
श्री भीम सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत शेष सभी कार्य आगामी छह महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं। इसके लिए नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने को कहा।
बस्तर के हर पात्र गांव और बसाहट तक पहुंचेगी सड़क
सचिव ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति से बस्तर के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के नए अवसर मिले हैं। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि इन अवसरों का लाभ क्षेत्र की जनता तक पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों और बसाहटों में अब तक सड़क संपर्क नहीं है, उनका व्यापक सर्वेक्षण किया जाए। कोई भी पात्र गांव या बसाहट सड़क सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) के तहत स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पीएम जनमन के तहत मार्च 2027 तक बनेगी 828 किलोमीटर सड़क
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की बसाहटों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संचालित प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) की भी समीक्षा की गई।
श्री सिंह ने योजना के अंतर्गत मार्च 2027 तक 828 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्वीकृत कार्यों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर मार्च 2027 से पहले निर्माण पूरा करने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर कार्यपालन अभियंता के खिलाफ कार्रवाई, उप अभियंता निलंबित
सड़क निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाही को लेकर सचिव ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कवर्धा जिले में सड़क निर्माण की धीमी प्रगति के मामले में तत्कालीन कार्यपालन अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं, बलरामपुर जिले के राजपुर में सड़क निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में लापरवाही के मामले में संबंधित उप अभियंता को निलंबित करने और पूरे प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
भारी वाहनों पर सीसीटीवी से रखी जाएगी नजर
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों को भारी वाहनों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं।
सचिव ने सड़कों पर निर्धारित भार क्षमता और भारी वाहनों के प्रतिबंधों की जानकारी देने वाले पोस्टर एवं बैनर लगाने को कहा। इसके साथ ही आगामी समय में इन मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।
बिटुमिन की उपलब्धता के लिए पहले से तैयारी
सड़क निर्माण कार्यों में बिटुमिन की संभावित कमी को देखते हुए सचिव ने ठेकेदारों को आवश्यक निर्माण सामग्री की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामग्री की अनुपलब्धता के कारण किसी भी परियोजना का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए।
इसके अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग के कार्य संबंधित विभागों से समन्वय कर शीघ्र पूरा कराने और पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत संबंधित सड़कों को जोड़ने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सड़क निर्माण में प्लास्टिक के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा
श्री भीम सिंह ने तकनीकी दिशा-निर्देशों के अनुसार सड़क निर्माण में अनुपयोगी प्लास्टिक के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। इसके लिए महिला स्व-सहायता समूहों (SHG) की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
इस पहल से प्लास्टिक कचरे के उपयोग को बढ़ावा मिलने के साथ ही महिला समूहों के लिए आजीविका के नए अवसर भी विकसित होंगे।
सड़क संधारण और लंबित भुगतान जल्द निपटाने के निर्देश
सचिव ने निर्माण कार्य पूरे होने के बाद संबंधित लंबित भुगतानों का शीघ्र निराकरण करने और सड़कों का संधारण निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने को कहा।
उन्होंने गौरव पथ निर्माण के दौरान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं के लिए डक्ट का प्रावधान अनिवार्य करने के निर्देश दिए, ताकि पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं के विस्तार के लिए भविष्य में बार-बार सड़क की खुदाई न करनी पड़े।
इसके साथ ही विभाग में लंबित पेंशन प्रकरणों का समय पर निराकरण करने और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रमुख अभियंता श्री के.के. कटारे, राज्य गुणवत्ता समन्वयक अमित गुलहरे, मुख्य अभियंता एमएमजीएसवाई वरुण राजपूत, मुख्य अभियंता संधारण नवीन मेहता सहित सभी सर्कल के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




