बस्तर की ‘ज्ञानगुड़ी’ के चार होनहारों ने रचा इतिहास, पहले ही राउंड में हासिल की MBBS सीट

बस्तर, 31 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देने की दिशा में बस्तर जिला प्रशासन की ‘ज्ञानगुड़ी’ निःशुल्क कोचिंग संस्था बड़ी सफलता हासिल कर रही है। ज्ञानगुड़ी के चार विद्यार्थियों ने NEET काउंसलिंग के पहले ही राउंड में शासकीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीट हासिल कर बस्तर का नाम रोशन किया है।
सफल विद्यार्थियों में समीर मरकाम और गीतेश्वरी सलाम का चयन शासकीय मेडिकल कॉलेज डिमरापाल, जगदलपुर, कुमारी कृष्णा सेन का कांकेर मेडिकल कॉलेज और खुशबू बिस्वास का पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में हुआ है।
90 में से 50 विद्यार्थियों ने NEET किया क्वालिफाई
ज्ञानगुड़ी की उपलब्धि केवल चार MBBS चयन तक सीमित नहीं है। संस्थान में अध्ययनरत 90 विद्यार्थियों में से 50 ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण की है। इनमें चार विद्यार्थियों ने पहले ही राउंड में शासकीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीट हासिल की।
यह सफलता बताती है कि यदि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अध्ययन सामग्री और निरंतर मार्गदर्शन मिले, तो वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
कलेक्टर ने सफल विद्यार्थियों को दिए टैबलेट
सफल विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा से मुलाकात की और अपनी सफलता का श्रेय जिला प्रशासन के सहयोग एवं मार्गदर्शन को दिया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए डिजिटल अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए टैबलेट भेंट किए।
उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत की सराहना की। साथ ही विद्यार्थियों से अपील की कि मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद बस्तर लौटकर जरूरतमंद लोगों की सेवा में योगदान दें।
पिन-पॉइंट मार्गदर्शन से मजबूत हुई तैयारी
विद्यार्थियों ने बताया कि पूरे वर्ष कलेक्टर द्वारा दिए गए पिन-पॉइंट सुझावों से उनकी तैयारी की रणनीति मजबूत हुई। उन्हें समय प्रबंधन, विषयवार तैयारी, नियमित अभ्यास और परीक्षा रणनीति को लेकर मार्गदर्शन मिला।
कलेक्टर और अन्य अधिकारी लगातार ज्ञानगुड़ी केंद्र का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद करते रहे और अपने अध्ययन एवं UPSC तैयारी के अनुभवों से उन्हें प्रेरित किया।
बस्तर की प्रतिभाओं के लिए नई उम्मीद
ज्ञानगुड़ी की सफलता यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होने पर दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य प्रतिष्ठित पेशेवर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। स्थानीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा मिलने से प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिलने के साथ उन्हें बस्तर के विकास से जोड़ने की दिशा में भी मदद मिलेगी।




