छत्तीसगढ़बिलासपुर संभाग

बच्चों की एक गलती से खतरे में पड़ी मालगाड़ी: इंजन पर टायर गिरते ही लगी आग, अंबिकापुर-अमरकंटक एक्सप्रेस भी रुकीं

बिलासपुर, 5 नवंबर। जिले में बच्चों की शरारत से एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। लोखंडी फाटक के पास बने ब्रिज से छह नाबालिगों ने गुजरती मालगाड़ी के इंजन पर साइकिल के टायर का टुकड़ा फेंक दिया। टायर ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन (OHE) और इंजन के पेंटोग्राफ के संपर्क में आया, जिससे स्पार्क हुआ और टायर में आग लग गई। घटना के बाद इंजन से तेज आवाज आने पर लोको पायलट घबरा गए और तत्काल मालगाड़ी को रोक दिया।

घटना मंगलवार सुबह करीब 6 बजे उसलापुर और घुटकू रेलवे स्टेशन के बीच हुई। उस समय कटनी से बिलासपुर की ओर एक खाली मालगाड़ी गुजर रही थी। मालगाड़ी की गति धीमी थी। इसी दौरान इंजन के ऊपर से ब्लास्ट जैसी तेज आवाज आने लगी। चालक ने तुरंत ट्रेन रोककर नीचे उतरकर जांच की तो इंजन की छत पर टायर का टुकड़ा जलता हुआ मिला।

रेलवे और आरपीएफ में मचा हड़कंप

लोको पायलट ने तत्काल कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी। इसके बाद उसलापुर आरपीएफ पोस्ट और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। रेलवे और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक टायर की आग बुझ चुकी थी। जांच में पता चला कि ब्रिज के ऊपर से किसी ने टायर का टुकड़ा फेंका था, जो इंजन के विद्युत उपकरणों के संपर्क में आने से जलने लगा।

NH के CCTV कैमरों से पकड़े गए छह नाबालिग

शुरुआत में टायर फेंकने वालों की पहचान करना मुश्किल था। आसपास के लोगों से पूछताछ में भी कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद आरपीएफ ने नेशनल हाईवे पर लगे CCTV कैमरों की मदद ली। कैमरों की मॉनिटरिंग पाली स्थित कक्ष में होती है। आरपीएफ की टीम वहां पहुंची और फुटेज खंगाले। इसके आधार पर लोखंडी गांव के छह नाबालिगों की पहचान की गई। बुधवार को सभी को पकड़कर पूछताछ की गई।

खाली वैगन में टायर फेंकना चाहते थे बच्चे

पूछताछ में बच्चों ने स्वीकार किया कि वे मालगाड़ी के खाली वैगन में टायर का टुकड़ा फेंकना चाहते थे, लेकिन गलती से टायर इंजन पर जा गिरा। इसके बाद विद्युत संपर्क से स्पार्क हुआ और टायर में आग लग गई। बच्चों की इस हरकत से बड़ा हादसा हो सकता था।

दो एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित

घटना के कारण रेलवे ट्रैक पर करीब आधे घंटे तक परिचालन प्रभावित रहा। मालगाड़ी के रुकने से पीछे से आने वाली अंबिकापुर एक्सप्रेस और अमरकंटक एक्सप्रेस को भी नियंत्रित करना पड़ा। मालगाड़ी आगे बढ़ने और ट्रैक क्लीयर होने के बाद दोनों ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो सका।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि लोको पायलट समय रहते आग को नहीं देखते और मालगाड़ी नहीं रोकते, तो गंभीर हादसा हो सकता था।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar