
बकावंड,24 अगस्त 2026
एक-एक शिक्षक के भरोसे पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं, अतिरिक्त शिक्षकों की मांग
ग्राम पंचायत लावागांव के प्राथमिक शाला बोरीपदर और आश्रम शाला में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्राथमिक शाला बोरीपदर में करीब 55 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि आश्रम शाला में संचालित स्कूल में करीब 56 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
दोनों विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते कुल 111 विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है।
एक शिक्षक के भरोसे पांच कक्षाओं की जिम्मेदारी
प्राथमिक शाला बोरीपदर में पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं की जिम्मेदारी महज एक शिक्षक के भरोसे है। वहीं आश्रम शाला में संचालित स्कूल में भी शिक्षकों की कमी बताई जा रही है।
एक शिक्षक को शिक्षण कार्य के साथ-साथ विभागीय ऑनलाइन कार्य, शासकीय पत्राचार और अन्य प्रशासनिक दायित्व भी संभालने पड़ते हैं। ऐसे में सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को पर्याप्त समय देना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा सीधा असर
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। एक शिक्षक के भरोसे पांच कक्षाओं का संचालन होने के कारण विद्यार्थियों को पर्याप्त शैक्षणिक समय नहीं मिल पा रहा है।
आश्रम शाला में भी शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है।
कई वर्षों से की जा रही अतिरिक्त शिक्षकों की मांग
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से शिक्षकों की कमी दूर करने और अतिरिक्त शिक्षक पदस्थ करने की मांग की जा रही है। इसके बावजूद अब तक मांग पूरी नहीं होने से ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी है।
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से प्राथमिक शाला बोरीपदर और आश्रम शाला में शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो विद्यार्थियों की पढ़ाई और अधिक प्रभावित हो सकती है।




