तुरपुरा के नन्हे उत्कर्ष ने कृष्ण का बाल रूप धरकर जीता दिल, मुकुट और पारंपरिक वेशभूषा में दिखा गजब का आत्मविश्वास

बस्तर, 05 सितम्बर 2026। ग्रामीण अंचलों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो केवल उन्हें मंच और प्रोत्साहन देने की। ग्राम तुरपुरा के नन्हे बालक उत्कर्ष ठाकुर ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन के दौरान उत्कर्ष ने भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की वेशभूषा धारण कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
ग्राम तुरपुरा निवासी हेमलाल ठाकुर एवं दुशीला ठाकुर के पुत्र उत्कर्ष ठाकुर ने कृष्ण के रूप में आकर्षक मुकुट, पारंपरिक परिधान, मोतियों की मालाओं और आकर्षक श्रृंगार के साथ अपनी प्रस्तुति दी। उनके चेहरे पर नजर आया आत्मविश्वास और कृष्ण के बाल रूप की मनमोहक छवि लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही।
उत्कर्ष की प्रस्तुति को देखकर कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने उसकी जमकर सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में आयोजित होने वाले ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
माता-पिता हेमलाल ठाकुर एवं दुशीला ठाकुर ने भी अपने बेटे की प्रस्तुति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उत्कर्ष की इस प्रस्तुति ने ग्रामीण क्षेत्र में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है।




