कचनार लैम्प्स में किसानों के KCC खातों से कथित निकासी और खाद वितरण में गड़बड़ी, सहकारिता आयुक्त ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

जगदलपुर/बकावंड,3 नवम्बर 2026
बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम कचनार स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति (लैम्प्स) में किसानों के KCC खातों से कथित अनधिकृत निकासी, फर्जी हस्ताक्षर से खाद आहरण और खाद वितरण में अनियमितता का मामला सामने आया है। किसानों की लिखित शिकायतों और बयानों के बाद सहकारिता विभाग ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं सहकारिता आयुक्त राकेश शर्मा ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिकायतों के अनुसार, किसानों के KCC खातों से उनकी जानकारी और सहमति के बिना राशि निकाले जाने का आरोप है। एक मामले में 11,359.70 रुपये की कथित निकासी का बैंक संदेश सामने आया है, जबकि एक अन्य शिकायत में लगभग 28 हजार रुपये की निकासी का उल्लेख किया गया है।
फर्जी हस्ताक्षर से खाद आहरण का आरोप
किसानों ने आरोप लगाया है कि उनके नाम पर खाद जारी की गई, लेकिन उन्हें खाद प्राप्त नहीं हुई। कुछ किसानों का कहना है कि उन्होंने खाद प्राप्त करने के लिए हस्ताक्षर नहीं किए, इसके बावजूद उनके नाम पर खाद का आहरण दर्शाया गया। खाद की रसीद मांगने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की शिकायत की गई है।
किसानों के लिखित बयान के बाद जांच तेज
3 नवंबर 2026 को किसानों के लिखित बयान सामने आए हैं। इनमें KCC खाते, खाद आहरण और धान खरीदी से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख किया गया है। ग्राम बेड़ाउमरगांव के किसान हरदेव यादव ने धान खरीदी सत्र 2025-26 में धान विक्रय नहीं हो पाने और AgriStack से जुड़ी परेशानी की शिकायत भी की है।
सहकारिता विभाग ने जारी किया जांच पत्र
कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जगदलपुर की ओर से 2 नवंबर 2026 को पत्र क्रमांक 608 जारी किया गया था। इसमें शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित पक्षों को 3 नवंबर को सुबह 11 बजे लैम्प्स कचनार में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।
जांच के दायरे में KCC खातों से कथित अनधिकृत निकासी, फर्जी हस्ताक्षर से खाद आहरण, समिति संचालन में बाहरी हस्तक्षेप और वित्तीय अनियमितताओं सहित कुल 12 बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है।
कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग
किसानों ने कलेक्टर बस्तर को शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और वर्तमान प्रबंधक को पद से हटाकर नए प्रबंधक की नियुक्ति करने की मांग की है।
अब मामले में बैंक स्टेटमेंट, KCC लेनदेन, खाद स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, किसानों की प्राप्ति रसीद और हस्ताक्षरों का मिलान जांच के लिए महत्वपूर्ण होगा।
सहकारिता आयुक्त राकेश शर्मा द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।




