मध्यप्रदेश

उज्जैन में महाकाल की राजसी सवारी आज, 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात, 16 मार्गों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध

उज्जैन, 7 सितंबर 2026

भगवान महाकालेश्वर की राजसी सवारी सोमवार को उज्जैन में निकलेगी। सवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं। सवारी मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में 2 हजार से ज्यादा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भीड़ के बीच तैनात किए जाएंगे। इनकी नजर मोबाइल, पर्स, मंगलसूत्र और चेन चोरी करने वाले संदिग्धों पर रहेगी। करीब 100 महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

100 से ज्यादा ऊंची इमारतों से निगरानी

सवारी मार्ग की सुरक्षा के लिए 100 से अधिक ऊंची इमारतों से पुलिसकर्मी निगरानी करेंगे। इसके अलावा आसमान से 10 ड्रोन और जमीन पर लगे CCTV कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए इंदौर, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, दतिया और शिवपुरी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।

सुबह 6 बजे से 16 मार्गों पर नो-एंट्री

राजसी सवारी के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह 6 बजे से सवारी समाप्त होने तक पुराने शहर के 16 प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंधित मार्गों में हरिफाटक टी से बेगमबाग, दानीगेट से रामानुज कोट, गुदरी चौराहा से कहारवाड़ी, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग सहित अन्य प्रमुख मार्ग शामिल हैं।

बाहर से आने वाले वाहनों के लिए 6 पार्किंग स्थल

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के बाहर छह पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। भोपाल, इंदौर और देवास की ओर से आने वाले वाहन वाकणकर पार्किंग, मन्नत गार्डन और कर्कराज पार्किंग में खड़े किए जा सकेंगे।

बड़नगर और नागदा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं मक्सी और आगर की ओर से आने वाले श्रद्धालु क्षीर सागर स्टेडियम और सामाजिक न्याय परिसर में वाहन पार्क कर सकेंगे।

आपात स्थिति में 8 वैकल्पिक मार्ग

पुलिस ने किसी भी आकस्मिक स्थिति में श्रद्धालुओं और वाहनों की सुरक्षित निकासी के लिए 8 वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। इनमें महाकाल घाटी से हरिफाटक टी, लोहे के पुल से दौलतगंज-देवासगेट और कमरी मार्ग से कंठाल सहित अन्य मार्ग शामिल हैं।

इसके अलावा होटल, लॉज और धर्मशालाओं की लगातार चेकिंग भी की जा रही है। प्रशासन का फोकस राजसी सवारी के दौरान सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर है।

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