सुकमा में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनेंगे आत्मसमर्पित युवा, 25 युवाओं को मिला स्वरोजगार का अवसर

सुकमा, 10 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में राज्य सरकार की पुनर्वास एवं कौशल विकास नीति के तहत आत्मसमर्पित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) सुकमा में मशरूम उत्पादन का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम में 25 आत्मसमर्पित युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कृषि आधारित स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने युवाओं को ऑयस्टर मशरूम की वैज्ञानिक खेती का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसमें धान के पुआल की तैयारी, स्पॉन (बीज) का उपयोग, पॉलीबैग तैयार करना, नमी प्रबंधन, फसल की तुड़ाई, पैकेजिंग और स्थानीय बाजार में बिक्री की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि मशरूम उत्पादन कम लागत, कम जगह और कम समय में शुरू किया जा सकने वाला लाभकारी व्यवसाय है। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों के जरिए युवा इससे हर महीने अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।
प्रशिक्षण में बताया गया कि मशरूम प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-बी, विटामिन-डी और आवश्यक खनिजों से भरपूर होता है। लो फैट और कम कैलोरी होने के कारण इसकी बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है, जिससे यह स्वरोजगार का बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है।
इस पहल से आत्मसमर्पित युवाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ-साथ समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।




