रायपुर में पोस्टर-फ्लेक्स लगाने के नए नियम लागू: तय स्थान के बाहर पोस्टर चिपकाने पर ₹5 हजार, अवैध विज्ञापन पर ₹2 लाख तक जुर्माना

रायपुर,27 जुलाई 2026
राजधानी रायपुर में अब पोस्टर, फ्लेक्स और आउटडोर विज्ञापनों को लेकर नगर निगम ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं। आउटडोर एडवरटाइजमेंट पॉलिसी-2024 के तहत अब शहर के 10 जोनों में मुफ्त पोस्टर लगाने के लिए निर्धारित स्थान तय किए गए हैं। इन स्थानों के अलावा किसी भी सार्वजनिक जगह पर पोस्टर लगाने पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
नए नियमों के अनुसार अब दुकानदार अपनी दुकान पर केवल प्रतिष्ठान और संचालक का नाम ही प्रदर्शित कर सकेंगे। यदि किसी कंपनी, ब्रांड, ऑफर, डिस्काउंट, एलईडी डिस्प्ले या अन्य प्रचार सामग्री का प्रदर्शन करना है, तो इसके लिए नगर निगम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
नगर निगम ने बताया कि अनाधिकृत विज्ञापनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा और इसके लिए ई-चालान प्रणाली भी लागू की जाएगी। निगम ने दुकानदारों, राजनीतिक दलों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और विज्ञापन एजेंसियों को एक सप्ताह के भीतर नियमों का पालन करने या अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं।
नियमों के उल्लंघन पर बिना अनुमति दुकानों पर ब्रांडिंग, ऑफर, सेल, डिस्काउंट, एलईडी डिस्प्ले या अन्य प्रचार सामग्री लगाने पर ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं अनाधिकृत होर्डिंग पर कम से कम ₹1 लाख, बल्क विज्ञापन पर ₹10,000 प्रति आयोजन और बिना अनुमति हवाई विज्ञापन पर ₹2 लाख तक का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
नगर निगम ने जोन-1 से जोन-10 तक कई स्थानों को मुफ्त पोस्टर लगाने के लिए अधिकृत किया है, जिनमें दम्मानी पेट्रोल पंप, गुढ़ियारी पड़ाव, एक्सप्रेस-वे सर्विस रोड, बूढ़ातालाब, गोल चौक, आईएसबीटी, कबीर चौक फ्लाईओवर, मढ़िया तालाब, जोरा, फुंडहर और अमलीडीह गौठान सहित अन्य स्थान शामिल हैं।
नगर निगम के अनुसार, नई नीति के माध्यम से शहर के लगभग ₹20 करोड़ के विज्ञापन बाजार को व्यवस्थित करने और विज्ञापन राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम को विज्ञापन शुल्क से ₹20.05 करोड़ की आय हुई थी।
नगर निगम की राजस्व उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा ने कहा कि नए नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके लिए विज्ञापन एजेंसियों, प्रिंटरों और राजनीतिक दलों के साथ संवाद कर सभी को नियमों की जानकारी दी जाएगी, जबकि दिशा-सूचक बोर्डों की भी जांच जारी है।




