CJP के प्रदर्शन से पहले लखनऊ में पुलिस की कार्रवाई, कई छात्र नेता हिरासत में लेने का दावा; परिवर्तन चौक पर सुरक्षा बढ़ाई गई

लखनऊ, 10 अक्टूबर। दिल्ली में प्रस्तावित CJP के प्रदर्शन से पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। परिवर्तन चौक पर प्रदर्शन के ऐलान के बाद पुलिस ने शुक्रवार को कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान समाजवादी छात्रसभा समेत विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है।
प्रदर्शन को लेकर छात्र संगठनों और पुलिस प्रशासन के बीच हलचल तेज हो गई है। छात्र नेताओं के घरों और हॉस्टलों में भी छापेमारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है।
विश्वविद्यालय परिसर से छात्र नेताओं को हिरासत में लेने का दावा
समाजवादी छात्रसभा के महेंद्र यादव ने दावा किया कि लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर से शुभम खरवार, अहमद रजा और विकास चौरसिया समेत कई छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। छात्र संगठनों का कहना है कि प्रदर्शन की तैयारियों को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की।
वहीं, पुलिस कार्रवाई की आशंका के चलते कुछ छात्र नेता पहले ही लखनऊ छोड़कर दिल्ली रवाना हो गए थे।
गुरुवार रात ही दिल्ली रवाना हुई छात्र नेताओं की टीम
एनएसयूआई के सुधांशु बाजपेई ने बताया कि उनकी टीम गुरुवार को ही दिल्ली के लिए रवाना हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि यात्रा के दौरान ट्रेन में भी कई जगह छापेमारी हुई, लेकिन उनकी टीम दिल्ली पहुंचने में सफल रही। उनके मुताबिक, लखनऊ से बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।
आईसा के प्रदेश अध्यक्ष को मेरठ में हिरासत में लेने का दावा
आईसा के हर्षवर्धन ने दावा किया कि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष को मेरठ में हिरासत में लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य छात्र नेताओं के घरों और हॉस्टलों में भी छापेमारी की गई। हालांकि, इस संबंध में सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिवर्तन चौक पर प्रदर्शन को लेकर पुलिस अलर्ट
दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन और लखनऊ के परिवर्तन चौक पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा गया है। साथ ही सोशल मीडिया और जमीनी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। फिलहाल, प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन की निगरानी जारी है और छात्र संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।




