CG में शराब की ओवररेटिंग पर बड़ा एक्शन: 190 की शराब 200 में बेची, आबकारी विभाग ने अफसरों पर गिराई गाज

रायपुर, 11 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में शराब की निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद और कांकेर जिले में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद तीन आबकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दो अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
190 रुपये की शराब 200 रुपये में बेची
महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में 7 सितंबर 2026 को राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्म ग्राहक के जरिए कराए गए सत्यापन में दुकान के विक्रयकर्ता दिनेश्वर ध्रुव द्वारा बैगपाईपर व्हिस्की का एक पाव निर्धारित 190 रुपये के बजाय 200 रुपये में बेचना पाया गया।
इसके बाद दोबारा खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता गुलाब डहरिया ने भी यही शराब 190 रुपये के बजाय 200 रुपये में बेची। इस तरह दो पाव शराब के लिए निर्धारित 380 रुपये की जगह 400 रुपये वसूल किए गए। यानी ग्राहकों से कुल 20 रुपये अधिक लिए गए।
मामले में दोनों विक्रयकर्ताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
निगरानी में लापरवाही पर आबकारी उप निरीक्षक निलंबित
विभाग ने संबंधित क्षेत्र में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री को प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद महासमुंद के आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
कांकेर में अवैध शराब निर्माण की सामग्री बरामद
इधर, उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक बंद किराए के मकान से अवैध शराब निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई।
कार्रवाई के दौरान 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम और 3380 ढक्कन जब्त किए गए। इसके अलावा 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की, जिसमें कुल 5.400 लीटर शराब थी, भी बरामद हुई। इसकी कीमत करीब 3600 रुपये बताई गई है।
जब्त स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये, जबकि खाली बोतल और पौवा की कीमत 22,045 रुपये बताई गई है।
रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित भी निलंबित
अवैध शराब निर्माण से जुड़ा यह मामला रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में सामने आया। विभाग ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और शिथिल नियंत्रण माना।
इसके बाद रानू मरकाम को भी नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर कार्यालय रहेगा।
इसी मामले में मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय कांकेर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। विभाग ने प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और प्रभावी पर्यवेक्षण के अभाव को देखते हुए उन्हें निलंबित किया है।
दो अधिकारियों से मांगा गया जवाब
महासमुंद के ओवररेटिंग मामले में विभाग ने अन्य संबंधित अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की है। दीपक ठाकुर और अजय कुमार पाण्डेय, दोनों सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ सूचना जारी की गई है।
दोनों अधिकारियों को 7 दिवस के भीतर समाधानकारक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मदिरा दुकानों की निगरानी होगी और सख्त
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रदेश में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री, अवैध शराब निर्माण और निगरानी में लापरवाही को लेकर विभाग सख्त रुख अपना रहा है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।




